वाराणसी। वाराणसी नगर निगम भी शहर के चूहों को मारेगा। इसके लिए रेलवे की चूहों को मारने की तकनीक अपनाए जाएगी। वही पार्षदों को अपने क्षेत्र विकास के लिए 10 लाख रुपये, सीवर सफाई के कार्य में फेल हो चुकी ‘लग्जरा’ कंपनी को ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा। यह फैसले पर मुहर नगर निगम की गुरुवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में लगी।
नगर निगम कार्यकारिणी की बैठक गुरुवार को महापौर मृदुला जायसवाल की अध्यक्षता में हुई। इसमें कार्यकारिणी सदस्यों की ओर से दिए गए प्रस्तावों में संशोधन करते हुए पास कर दिया गया। पार्षद प्रशांत कुमार सिंह ने शहर में सीवर के मेनहोल व चेंबर और पार्कों को चूहों द्वारा नुकसान करने की समस्या उठाई। इस पर चूहों को मारने के लिए कार्यकारिणी में प्रस्ताव पास किया गया। पार्षदों ने अपने वार्ड में विकास कार्य कराने के लिए 50-50 लाख रुपये देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन 10 लाख रुपये पास किया गया। वहीं नगर निगम की ओर से रखे गए 32 सौ कर्मचारियों के एरियर पर सहमति बनी। शहर में आईपीडीएस की ओर से की गई खुदाई से खराब गलियों की मरम्मत का प्रस्ताव पास हुआ। नगर निगम के उप सभापति को चार पहिया वाहन और कार्यालय दिया जाएगा। उधर, शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के प्रस्ताव को विपक्ष के सदस्यों ने विरोध किया। उनका कहना था कि गेल की ओर से गैस पाइप लाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है। इससे पूरी व्यवस्था चौपट हो गई है। पार्षद अजीत सिंह ने कहा कि इस प्रस्ताव से और भी शहर की स्थिति खराब होगी। इसलिए कार्यकारिणी ने इस प्रस्ताव को टाल दिया गया।