वाराणसी। नेपाली युवतियों को विदेश में रोजगार दिलाने का झांसा देकर जबरन देह व्यापार कराने के मामले में खुफिया इकाइयों के रडार पर अब नई दिल्ली व बाबतपुर एयरपोर्ट प्रबंधन, एयरलाइंस और सीआईएसएफ के कर्मचारी हैं। गिरफ्त में आए तीन अहम आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर जल्द ही कुछ और लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
नई दिल्ली के महरौली थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लैट से पश्चिम बंगाल की दो और नेपाल की 16 युवतियों को 30 जुलाई को पुलिस ने मुक्त कराया था। इस मामले में गाजीपुर के राजेंद्र यादव, नई दिल्ली के पवन खुराना और काठमांडू निवासी सवीन शाह के साथ ही पश्चिम बंगाल की रहने वाली सुंदरी को गिरफ्तार कर पुलिस शहर ले आई। राजेंद्र, पवन और सवीन को 48 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड में लेकर शिवपुर पुलिस के साथ ही क्राइम ब्रांच, एलआईयूए आईबी और एटीएस के अधिकारियों ने पूछताछ की। पूछताछ में नेपाली युवतियों को रोजगार दिलाने के नाम पर खाड़ी देशों में भेजे जाने के मामले में नई दिल्ली और बाबतपुर एयरपोर्ट पर कार्यरत कुछेक कर्मचारियों, एयरलाइंस कंपनियों के कुछेक कर्मचारियों और बाबतपुर एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ के एक सिपाही की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार आईबी सहित अन्य खुफिया इकाइयां यह ब्योरा जुटा रही हैं कि हाल-फिलहाल में बाबतपुर और नई दिल्ली एयरपोर्ट से नेपाल की कितनी युवतियां खाड़ी देशों की यात्रा पर गईं। मानव तस्कर गिरोह के एजेंटों ने इसके लिए किस-किस से संपर्क किया। किस-किसके बैंक खाते में खाड़ी देशों से पैसा जमा किया गया। सर्विलांस और बैंक एकाउंट का विवरण सहित अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाकर जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।