ज्ञानपुर। जिला मुख्यालय और आसपास के 25 से अधिक गांवों में मंगलवार को पूरी रात बिजली गुल रहने से हाहाकार मच गया। भीषण गर्मी और उमस में बिजली कटौती के कारण लोग बिलबिला गए। बिजली के इंतजार में अपने घर की छतों या सड़कों पर टहलते हुए लोगों ने रात बिताई। एक लाख की आबादी की दिनचर्या बेपटरी होने के साथ ही सुबह पानी के लिए भी लोगों को जूझना पड़ा।
जिले की बिजली आपूर्ति सुधरने का नाम नहीं ले रही है। गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की खपत बढ़ गई है, लेकिन बिजली चोरी रोक पाने में असफल महकमा लोगों की बिजली की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा। यही वजह है कि आए दिन फॉल्ट और ओवरलोड आदि के नाम पर घंटों बिजली गुल रहती है। इसके अलावा अघोषित कटौती होती है, सो अलग। मंगलवार को दिन में एक-दो बार की आवाजाही के बाद रात 10 बजे के आसपास ज्ञानपुर नगर के अलावा भुड़की, भिदिउरा, जोरईं, वेदपुर, अछवर, चकटोडर, गिरधरपुर, मिल्की, देवाजीतपुर, लखनो समेत लगभग 25 गांवों की बिजली गुल हो गई। इससे नगर और गांवों की हजारों की आबादी भीषण गर्मी में कराह उठी। इन्वर्टर भी जवाब दे गए। नगर के लोग रात भर छतों और सड़कों पर टहलते दिखाई दिए। इस दौरान बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और पावर हाउस में फोन करने पर समुचित जवाब नहीं मिला। सुबह साढ़े तीन बजे के बाद बिजली आपूर्ति बहाल हुई। नींद से बोझिल लोग बिस्तर पर गए, लेकिन थोड़ी ही देर में करीब साढ़े पांच बजे बिजली फिर गुल हो गई। इसके आधे घंटे के बाद आपूर्ति शुरू हुई तो सात बजे फिर कटौती हो गई। इससे लोग उमस और गर्मी के कारण बिलबिलाते रहे। बिजली की लंबी कटौती की वजह से सुबह पेयजल आपूर्ति भी बाधित हुई। नगर क्षेत्र के कुछ मोहल्लों में पानी पहुंचा तो कई मोहल्लों में लोग पानी का इंतजार करते ही रह गए। इसके बाद हैंडपंपों की दौड़ शुरू हो गई। इस संबंध में एक्सईएन अमर सिंह ने कहा कि इलाहाबाद में मेजा के समीप हाईटेंशन लाइन का जंफर उड़ जाने के कारण रात में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। उसे ठीक किए जाने के बाद आपूर्ति बहाल होते ही ज्ञानपुर नगर और आसपास के गांवों की बिजली आपूर्ति भी शुरू कर दी गई।