वाराणसी। चिह्नित माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने में थानेदार, सीओ और एडिशनल एसपी क्यों कोताही बरत रहे हैं। पुलिस लाइन के वार्षिक निरीक्षण के बाद बुधवार को समीक्षा बैठक में यह सवाल एडीजी जोन पीवी रामाशास्त्री ने जिले के पुलिस अधिकारियों किया। उन्होंने कहा कि साक्ष्य के साथ भ्रष्टाचार के मामले सामने आए तो चितईपुर चौकी प्रभारी रामकृपाल सिंह को निलंबित कर जैसे मुकदमा दर्ज कराया गया है वैसा ही हश्र अन्य का भी होगा। बैठक में भेलूपुर, रामनगर, जंसा, कपसेठी और फूलपुर के इंस्पेक्टर एडीजी जोन के सवालों का सही जवाब नहीं दे पाए तो फटकार लगाते हुए कार्यशैली में सुधार लाने को कहा।
जिले की कानून व्यवस्था की समीक्षा के बाद एडीजी जोन ने बताया कि एसपी सिटी, एसपी ग्रामीण और एसपी क्राइम को कहा गया है कि चिह्नित माफिया के खिलाफ कार्ययोजना बना कर काम करें। समय निर्धारित कर बताएं कि कितने दिन में किस अपराधी को गिरफ्तार कर जेल भेज रहे हैं। हत्या और लूट के लंबित मामलों के खुलासे में एसपी क्राइम तेजी लाएं। एंटी रोमियो दल की सक्रियता न होने की वजह से छेड़खानी की घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। चेन स्नेचिंग के लिए सीधे थानेदार जिम्मेदार होंगे और बख्शे नहीं जाएंगे। बैठक में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज, सभी एएसपी, सीओ और थानेदार मौजूद रहे।