वाराणसी। निकाय चुनाव में जीत के लिए सभी दल गुणा-गणित लगाने में जुटे हैं। मेयर की कुर्सी हासिल करने के लिए गैर भाजपा दल साझा उम्मीदवार उतारने पर भी विचार कर रहे हैं। इस सुगबुगाहट पर भाजपा विरोधियों की चाल की काट खोजने में जुट गई है। पार्टी मेयर पद के लिए व्यापारी वर्ग की प्रत्याशी तलाशने के साथ ही किसी प्रोफेसर और डॉक्टर को भी चुनाव मैदान में उतारने पर गंभीरता से विचार कर रही है।
लखनऊ में शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के साथ निकाय चुनाव प्रभारियों की बैठक में मेयर, पार्षदों और नगर पालिका अध्यक्ष पद के उम्मीदवारों के लिए भेजे गए पैनल के नामों पर चर्चा की गई। तय किया गया कि नवंबर के प्रथम सप्ताह से प्रत्याशियों की क्रमवार सूची जारी की जाएगी। जीत के लिए स्थानीय विधायकों को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। सूत्रों के मुताबिक अधिक सीटों पर पार्टी को जीत दिलाने वाले विधायकों को इसका ‘रिटर्न गिफ्ट’ भी दिया जा सकता है।
पार्टी का पूरा फोकस युवा और बेदाग छवि वाले उम्मीदवारों पर है। चर्चा यह भी है कि मौजूदा तमाम पार्षदों के टिकट काटे जा सकते हैं। अंदरखाने रानिका जायसवाल, रीता जायसवाल और निर्मला सिंह पटेल के नाम सबसे आगे चल रहे हैं। इसके अलावा पार्टी किसी प्रोफेसर और डॉक्टर को तलाश रही है जिसे आगे कर मेयर की सीट पर फिर काबिज हुआ जा सके। निकाय चुनाव प्रभारी सलिल विश्नोई ने कहा कि नवंबर के प्रथम सप्ताह तक प्रत्याशियों की सूची जारी हो जाएगी।