वाराणसी। तीर्थ नगरी काशी से रामकथा मर्मज्ञ संत मोरारी बापू सामाजिक समता और बराबरी का बड़ा संदेश देंगे। महाश्मशान मणिकर्णिका के दर्शन के दौरान शुक्रवार की शाम उन्होंने डोमराज परिवार के सदस्यों से मुलाकात तो की ही, उनके हाथ का भोजन करने का भी वादा किया। डोमराज परिवार की ओर से बनाया गया प्रसाद बापू शनिवार को डोमरी में चख सकते हैं।
मोरारी बापू शुक्रवार की शाम मणिकर्णिका घाट स्थित महाश्मशान नाथ मंदिर पहुंचे। संतोष दास सतुआ बाबा के साथ उन्होंने महाश्मशानेश्वर महादेव का का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान श्मशान नाथ सेवा समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता ने माला पहना कर उनका स्वागत किया। इसके बाद वह डोमराज परिवार के उन सदस्यों से भी मिले, जिनकी चिताओं को अग्नि देने की पारी थी। वहां उन्होंने बड़की मलकिन से मुलाकात की। डोमराज परिवार के सदस्यों को उन्होंने शनिवार को डोमरी में कथास्थल पर आमंत्रित किया। बापू ने बड़की मलकिन से आग्रह किया कि वह उनके लिए अपने हाथ का बना प्रसाद लेकर आएं। सतुआ बाबा ने बताया कि बापू ने डोमराज परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें प्रसाद के साथ कथास्थल बुलाया। इसके बाद उन्होंने जलती चिता पर शाल अर्पित किया। इससे पहले मोरारी बापू ने सतुआ बाबा आश्रम में सतुआ बाबा के चित्र पर माल्यार्पण किया और आश्रम में प्रभु श्रीराम के भजन से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। आश्रम के द्वार पर बटुकों ने मंगलाचरण से उनका स्वागत किया। इस दौरान डमरू नाद गूंज रहा था।