वाराणसी। चेतगंज के बाद मंगलवार की रात जैतपुरा की नक्कटैया देखने सड़कों पर बच्चों, महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। देर रात शूर्पणखा की नाक कटने के बाद राम से बदला लेने के लिए खर-दूषण की सेना निकली तो झलक पाने के लिए लोग छतों, बारजों पर टकटकी लगाए खड़े रहे। तरह-तरह के लाग-विमान आकर्षण का केंद्र बने रहे।
जैतपुरा में शूर्पणखा की नाक कटने के बाद उसके भाई खर-दूषण अपनी सेना के साथ लक्ष्मण से बदला लेने निकल पड़ते हैं। सेना के रूप में बैंडबाजा के साथ हाथी-घोड़ों की सवारियां भी निकाली गईं। जुलूस की शक्ल में सेना रात 12 बजे रामकटोरा से निकली। कबीरचौरा, लोहटिया, औसानगंज, जैतपुरा, छोहरा तक नक्कटैया के लाग-विमान देखने के लिए सड़कों पर भीड़ जमा थी। मेले में भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे।
इस दौरान रामलीला समिति के रामेश्वर प्रसाद, राजेंद्र प्रसाद गुप्ता, शैलेंद्र जायसवाल, प्रमोद यादव, सुभाष पासी, अनिल प्रजापति, संजय गुरु, बाबू लाल गुप्ता, सुदर्शन व्यास ने व्यवस्था संभाली।