वाराणसी। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी राधेश्याम यादव के तार पंचम तल से जुड़े हुए हैं। पूर्व सरकार के एक प्रमुख्र सचिव को उपकृत करके खेल संगठनों में पैठ जमा ली। यादव को जिला एथलेटिक्स संघ का अध्यक्ष बना दिया गया। किसी खेल एसोसिएशन की इससे ज्यादा दुर्गति क्या हो सकती है कि उसके अध्यक्ष को उस खेल के बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।
यूंकि खेल संगठनों से जुड़े तमाम अनुभवी पदाधिकारियों ने इसका विरोध किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। बताते हैं कि धनबल के बूते ये अधिकारी रियो ओलंपिक जाने में कामयाब रहा। इसके साथ पंचम तल का वो पावरफुल आईएएस अफसर भी साथ गया। खेल संगठनों के लोगों का कहना है कि रिसो जाकर खूब सैरसपाटा किया ओर खिलाड़ियों की कोई खोज खबर नहीं ली। आरएस यादव के अध्यक्ष बनने के बाद से महिला खिलाड़ी असहज थीं। वह नहीं चाहती थीं कि उनके खेल संगठन का कोई ऐसा व्यक्ति अध्यक्ष हो जिसके बारे में उसको कोई जानकारी ही नहीं हो।
विवादों से रहा है पुराना नाता
वाराणसी। सहायक परिवहन अधिकारी का विवादों से पुराना नाता रहा है। बनारस के एक प्रतिष्ठित एवं विवादित क्लब के एक सदस्य से नजदीकियों को लेकर काफी चर्चा में रहे हैं। ये चर्चा फिजा में तैरते हुए आम हो गई। बताया जाता है कि इसी चर्चा को लेकर के एयरपोर्ट पर इनके साथ हाथापाई तक हुई। क्लब के सदस्यों के बीच यह मामला काफी चर्चा में रहा। भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि आठ साल पूर्व आरएस यादव पर हमला भी हुआ था। उनके ऊपर गोली चलाई गई थी। हालांकि गोली क्यों और किसने चलाई इसका पता आज तक नहीं पता चला।