केंद्र सरकार ने ‘वंदे भारत' मिशन शुरू कर विदेश में फंसे छात्रों को कम खर्च में देश लाने की व्यवस्था की थी। इन छात्रों को भी भारत वंदे मिशन यात्रा से उम्मीद थी। छात्रों को आश्वासन भी मिला कि जल्द सबको घर भेजा जाएगा। लेकिन वहां फंसे कुछ छात्रों को ही यह सुविधा मिल सकी।
गाजीपुर के अब्दुल खालिद खान, निवासी बारा, थाना दिलदारनगर, मनीष कुमार सिंह निवासी भदौरा, थाना गहमर के साथ ही सेवराई तहसील के सैफ अली खान, अब्दुल बसीत खान और मुजफ्फर अंसारी वहां फंसे हैं। पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों में 80 छात्र वहां हैं। जबकि पूरे प्रदेश के 190 से भी अधिक छात्र किर्किस्तान में हैं।
सबने घर आने की इच्छा जताई है, लेकिन कोई सुविधा न मिलने के कारण सभी हताश और निराश हैं। सबने गृह मंत्रालय से लेकर परिवहन मंत्रालय तक से गुहार लगाई है, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। छात्रों ने अमर उजाला गाजीपुर कार्यालय से संपर्क कर बताया कि उनके पास इतने पैसे नहीं हैं कि निजी खर्च पर वहां से आ सकें।
विदेश में फंसे छात्रों की वतन वापसी के लिए पूरा प्रयास किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा जाएगा। - आनंद स्वरूप शुक्ला, प्रभारी मंत्री