मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बेलहरा गांव में बुधवार की शाम को कुएं की दीवार ढहने से मलबे में दबे किसान के शव को 19 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद गुरुवार की सुबह मलबे से निकाला गया। बुधवार की सुबह कुएं पर लगे पंप सेट को बंद करते समय कुएं की दीवार ढहने से किसान मनोज कुमार दुबे दब गया था।
क्षेत्र निवासी मनोज कुमार दुबे (35) की जमीन में एक कुआं है। मनोज सिंचाई के लिए कुएं पर दीवार बनाकर पंप सेट लगाया है। बुधवार की शाम को वह खेत की सिंचाई पूरी होने के बाद वह कुएं पर पंप सेट को बंद करने गया। इस दौरान कुएं की दीवार ढहने लगी, मनोज वहां से भागने की कोशिश किया तब तक वह मलबे के साथ कुएं में चला गया।
कुएं में गिरे शव को बाहर निकालने के लिए पुलिस जेसीबी और पोकलैंड की मदद से रेस्क्यू अभियान चला रही थी। रात तक किसान के बाहर न निकलने पर रेस्क्यू के लिए वाराणसी से एनडीआरएफ को भी बुलाया गया। गुरुवार की सुबह एनडीआरएफ वाराणसी रेस्क्यू के लिए निकल गई थी। एनडीआरएफ की टीम पड़री के पास पहुंची थी कि शव मिल गया। जिसके बाद टीम वापस चली गई।
कुंए में गिरे किसान को बाहर निकालने के लिए पोकलैंड और जेसीबी की मदद से दो तरफ से खुदाई की जा रही थी। कुंआ 15 फीट चौड़ा था। खुदाई के चलते कुंए का आकार 50 मीटर तक चौड़ा हो गया। 19 घंटे चले अभियान में खुदाई से कुआं एक बड़े तालाब में बदल गया। गढ्डे में उतरने के लिए दोनों ओर रास्ता भी बनाया गया था और पानी निकालने के लिए पंप लगाया गया था।
शाम चार बजे कुएं में किसान के गिरने के बाद जेसीबी और पोकलेन से खुदाई कर राहत कार्य शुरू किया गया। लेकिन रात दो बजे एक पोकलेन खराब होने और रात होने के चलते व्यवधान आया। इसके बाद सुबह छह बजे से फिर राहत कार्य शुरू हो सका।
हादसे के बाद गुरुवार की सुबह राज्यमंत्री रमाशंकर पटेल और डीएम सुशील कुमार पटेल मौके पर पहुंच कर परिवार को मदद का आश्वसन दिया। एसडीएम मड़िहान ने बताया कि परिवार वाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। उन्हें समझाया गया। जिसके बाद वे राजी हुए। बताया कि लेखपाल को निर्देश दिया गया है कि किसान बीमा दुर्घटना के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई करें।