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किसान को बचाने के लिए 19 घंटे तक चला बचाव कार्य, एनडीआरएफ रह गई रास्ते में

Thu, 23 Jan 2020 07:13 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
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बचाव कार्य में लगी जेसीबी - फोटो : amar ujala
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मिर्जापुर जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के बेलहरा गांव में बुधवार की शाम को कुएं की दीवार ढहने से मलबे में दबे किसान के शव को 19 घंटे चले रेस्क्यू आपरेशन के बाद गुरुवार की सुबह मलबे से निकाला गया। बुधवार की सुबह कुएं पर लगे पंप सेट को बंद करते समय कुएं की दीवार ढहने से किसान मनोज कुमार दुबे दब गया था।

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देर रात तक रेस्क्यू आपरेशन चला, पर सफलता नहीं मिली। सुबह दोबारा शुरू हुए रेस्क्यू अभियान में शव को बरामद किया गया। गुरुवार की सुबह ऊर्जा राज्यंत्री रमाशंकर पटेल, डीएम सुशील कुमार पटेल मौके पर पहुंचे। डीएम ने परिजनों को ढांढस बंधाया। अधिकारियों ने किसान बीमा दुर्घटना का लाभ दिलाए जाने का आश्वासन दिया।
 

क्षेत्र निवासी मनोज कुमार दुबे (35) की जमीन में एक कुआं है। मनोज सिंचाई के लिए कुएं पर दीवार बनाकर पंप सेट लगाया है। बुधवार की शाम को वह खेत की सिंचाई पूरी होने के बाद वह कुएं पर पंप सेट को बंद करने गया। इस दौरान कुएं की दीवार ढहने लगी, मनोज वहां से भागने की कोशिश किया तब तक वह मलबे के साथ कुएं में चला गया।

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कुएं में गिरने के बाद मलबा उसके ऊपर गिर गया। जानकारी होने पर एसपी डा. धर्मवीर सिंह और एसडीएम मड़िहान विमल कुमार दुबे फायर ब्रिगेड, पोकलेन, जेसीबी, आस्का लाइट आदि की मदद से रेस्क्यू शुरु कराया। दो पोकलेन की मदद से कुंए के दो ओर से गड्ढा खोदा गया। एसडीएम विमल कुमार दुबे के नेतृत्व में थानाध्यक्ष मड़िहान राजीव सिंह की देख रेख में देर रात दो बजे तक रेस्क्यू अभियान चला। इसके बाद सुबह छह बजे रेस्क्यू फिर से शुरु हुआ। सुबह नौ बजे डीएम सुशील कुमार पटेल, एडीएम यूपी सिंह भी मौके पर पहुंचे।

इसके बाद ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर पटेल भी मौके पर पहुंच कर परिजनों से बात कर ढांढस बंधाया। आपदा राहत के दौरान सुबह 11 बजे 19 घंटे बाद किसान मनोज कुमार दुबे का शव मिला। शव बाहर निकलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
 

कुएं में गिरे शव को बाहर निकालने के लिए पुलिस जेसीबी और पोकलैंड की मदद से रेस्क्यू अभियान चला रही थी। रात तक किसान के बाहर न निकलने पर रेस्क्यू के लिए वाराणसी से एनडीआरएफ को भी बुलाया गया। गुरुवार की सुबह एनडीआरएफ वाराणसी रेस्क्यू के लिए निकल गई थी। एनडीआरएफ की टीम पड़री के पास पहुंची थी कि शव मिल गया। जिसके बाद टीम वापस चली गई।

रेस्क्यू के लिए हुई खुदाई से कुंआ बना तालाब

कुंए में गिरे किसान को बाहर निकालने के लिए पोकलैंड और जेसीबी की मदद से दो तरफ से खुदाई की जा रही थी। कुंआ 15 फीट चौड़ा था। खुदाई के चलते कुंए का आकार 50 मीटर तक चौड़ा हो गया। 19 घंटे चले अभियान में खुदाई से कुआं एक बड़े तालाब में बदल गया। गढ्डे में उतरने के लिए दोनों ओर रास्ता भी बनाया गया था और पानी निकालने के लिए पंप लगाया गया था।

पोकलेन खराब होने से रात दो बजे रुका राहत कार्य

शाम चार बजे कुएं में किसान के गिरने के बाद जेसीबी और पोकलेन से खुदाई कर राहत कार्य शुरू किया गया। लेकिन रात दो बजे एक पोकलेन खराब होने और रात होने के चलते व्यवधान आया। इसके बाद सुबह छह बजे से फिर राहत कार्य शुरू हो सका।

किसान बीमा दुर्घटना का मिलेगा मुआवजा

हादसे के बाद गुरुवार की सुबह राज्यमंत्री रमाशंकर पटेल और डीएम सुशील कुमार पटेल मौके पर पहुंच कर परिवार को मदद का आश्वसन दिया। एसडीएम मड़िहान ने बताया कि परिवार वाले पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे। उन्हें समझाया गया। जिसके बाद वे राजी हुए। बताया कि लेखपाल को निर्देश दिया गया है कि किसान बीमा दुर्घटना के तहत सहायता राशि उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई करें।

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