वाराणसी। भाजपा प्रत्याशी पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ विपक्ष में साझा उम्मीदवार उतारने की चर्चा तेज हो गई है। विपक्ष चौथे वोट की लड़ाई के हिसाब से प्रत्याशी उतारने पर विचार कर रही है। सपा-बसपा और कांग्रेस के बेस वोट यादव, मुस्लिम, दलित के अलावा चौथी जाति के प्रत्याशी को टिकट देने पर विचार किया जा रहा है। पार्टी हाईकमान ऐसा उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारना चाहते हैं, जिसे बेस वोट के अलावा अपनी जाति के भी वोट मिल सकें।
सपा-बसपा और कांग्रेस के नेताओं की मानें तो कांग्रेस की ओर से कोई बड़ा नाम आया तो बाकी पार्टियां अपने प्रत्याशी नहीं उतारेंगी। बृहस्पतिवार को कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में इसका प्रस्ताव भी पारित किया गया है। पहले चरण के चुनाव के रुझान आने के बाद लखनऊ में सपा-बसपा की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई।
अन्य छोटे दल भी इस बात से सहमत हैं कि वोटों के बिखराव रोकने के लिए बेहतर होगा कि साझा उम्मीदवार को समर्थन दिया जाए। कई छोटी पार्टियों के नेताओं ने बड़े दलों के राष्ट्रीय अध्यक्षों को मेल भेज कर साझा उम्मीदवार उतारने को कहा है। माना जा रहा है एक-दो दिन में नाम की घोषणा हो जाएगी।