वाराणसी। केंद्र सरकार की गलत नीतियों के विरोध में नोटा अभियान के समर्थकों की बैठक रविवार को कचहरी स्थित वाराणसी गर्ल्स डिग्री कॉलेज में होने जा रही है। बैठक में केंद्र सरकार की सवर्ण, पिछड़ा, व्यापारी और गरीब विरोधी नीतियों पर चर्चा कर नोटा अभियान को प्रभावशाली ढंग से चलाने की योजना बनाई जाएगी। यह जानकारी सवर्ण सेना के राष्ट्रीय संयोजक पं. गौरव ओम और राष्ट्रीय स्वाभिमान मंच के प्रदीप राय ने एक संयुक्त विज्ञप्ति में दी है।
जानकारी के मुताबिक बैठक में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों से 200 प्रतिनिधि शामिल होंगे। नोटा समर्थकों का मानना है कि एससी/ एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए अध्यादेश लाना देश के पिछड़ा और सवर्ण समाज के साथ विश्वासघात है। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती और प्रमोशन के मुद्दे पर भी केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बावजूद अध्यादेश लाकर 13 पॉइंट रोस्टर प्रणाली रद्द कर के सवर्ण समाज के युवाओं के पेट पर लात मारने का काम किया है। जुटान में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के सवाल पर भी चर्चा कर कॉरिडोर से प्रभावित लोगों को नोटा अभियान से जोड़ा जाएगा। बैठक में प्रदेश के लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, जौनपुर, बनारस, भदोही, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली और गाजीपुर के प्रतिनिधि भागीदारी करेंगे।