वाराणसी। लोकसभा चुनाव में राजनीतिक दलों को वीडियो वैन की अनुमति से पहले मोटर वाहन अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना होगा। वीडियो वैन की अनुमति मुख्य निर्वाचन अधिकारी के स्तर पर दी जाएगी और इसकी प्रचार सामग्री एमसीएमसीएस से पूर्व प्रमाणित होगी।
वीडियो वैन का वोट मांगने और नीतियों का प्रचार करने के लिए प्रयोग किया जा सकेगा। किसी भी विशेष उम्मीदवार के लिए वोट या समर्थन मांगने पर वीडियो वैन के खर्च का हिसाब उम्मीदवारों द्वारा दिया जाएगा। वीडियो वैन पर व्यय पर्यवेक्षक निगरानी रखेंगे।
चुनाव आयोग की ओर से वीडियो वैन की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है। जिले में घूमने वाली वीडियो वैन के रूट आदि की जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी को देनी होगी। जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वीडियो वैन के खर्च को राजनीतिक पार्टियों के खर्चे में शामिल किया जाता है। प्रत्याशी का प्रचार होने की स्थिति में इसका खर्च उम्मीदवारों के खातों में जोड़ा जाएगा।
चुनाव आयोग ने एकल खिड़की प्रणाली की व्यवस्था लागू की है। इसमें आईटी प्लेटफार्म सुविधा के तहत अनुमति लेने वाले सभी आवेदन 24 घंटे के भीतर निस्तारित किए जाएंगे।