फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काशी की तीन हस्तियों को मिला पद्मश्री

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। शिक्षा और संस्कृति की राजधानी काशी की तीन हस्तियों को शनिवार को पद्म सम्मान मिला। राष्ट्रपति भवन में संगीत जगत की दो और खेल जगत की एक शख्सियत को पद्मश्री के सम्मान से नवाजा गया। इसमें ध्रुपद गायक और जलतरंग वादक डॉ. राजेश्वर आचार्य, बिरहा गायक हीरालाल यादव और बास्केटबाल खिलाड़ी प्रशांति सिंह शामिल हैं।
विज्ञापन

जब तक सांस चले करते रहे संगीत सेवा
पं. ओंकारनाथ ठाकुर की परंपरा के संगीताचार्य डॉ. राजेश्वर आचार्य ने इस सम्मान को बाबा विश्वनाथ के श्री चरणों में समर्पित किया। कहा कि अधिकारी तो वही हैं, हम लोग तो महज पात्र हैं। हमारी इच्छा तो बस इतनी है कि जब तक सांस चले संगीत की सेवा करता रहूं। डॉ. आचार्य न केवल बीएचयू से जुड़े रहे बल्कि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के फाइन आर्ट्स और संगीत विभाग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्हें 1966 में ऑल इंडिया रेडियो म्यूजिक कंप्टीशन में पहला स्थान मिला था। वह ग्वालियर घराने से संबंधित हैं।
लोक गायकी के सरताज को भी मिला सम्मान
काशी की लोक संस्कृति को जीने वाले लोक गायकी के सरताज हीरालाल यादव को भी पद्मश्री से सम्मनित किया गया। हीरालाल वो हस्ती हैं जिनके अपनेपन का हर शख्स कायल है। इनके कंठ में वो मधुरता है कि एक बार जो इन्हें सुन ले वो इनका कायल हुए बिना रह नहीं सकता। 25 जनवरी 2019 को जब लोक गायकी के सरताज हीरालाल को पद्मश्री सम्मान मिलने की सूचना मिली तो सबसे पहले उन्होंने अपनी जन्म व कर्मभूमि को प्रणाम किया। दरअसल वह इन दिनों काफी अस्वस्थ चल रहे हैं। वो ठीक से बोल भी नहीं पा रहे हैं।
विज्ञापन

बास्केटबाल में देश की पहली महिला खिलाड़ी प्रशांति
बास्केटबाल में पद्मश्री अवार्ड पाने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी का गौरव प्रशांति सिंह को मिला है। इसके पहले उन्हें बास्केटबाल में अर्जुन अवार्ड मिल चुका है। उन्होंने पद्मश्री अवार्ड मिलने के बाद इसे मेहनत, समर्पण और त्याग का फल बताया। भारतीय राष्ट्रीय महिला बास्केटबाल टीम की शूटिंग गार्ड प्रशांति सिंह युवा खिलाड़ियों के लिए आईकॉन हैं। बास्केटबाल में पद्मश्री पाने वाली खिलाड़ी प्रशांति का सफर भी चुनौतियों से भरपूर रहा है। 25 सालों के इस सफर के दौरान मिली सफलताओं के पीछे हर बार मां की दुआ और प्यार ने संबल दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें