वाराणसी। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कांग्रेस अयोध्या में राम मंदिर के विरोध में है। इसके लिए कपिल सिब्बल को खड़ा कर दिया गया है। मगर, 1992 में हम अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के लिए गए थे और भव्य मंदिर के निर्माण के लिए वहां फिर जाएंगे। अरसे बाद काशी आईं साध्वी प्रज्ञा काशी विश्वनाथ और अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं।
कहा, कांग्रेस के 70 वर्ष के कार्यकाल में मंदिर के लिए दबाव नहीं बनाया गया। केंद्र की मोदी सरकार के साढ़े चार साल में देशभर मे दबाव बनाया जा रहा है। विधर्मी अपनी गतिविधियां नहीं छोड़ रहे हैं मगर एक बात तय है कि राम मंदिर जरूर बनेगा। मंदिर निर्माण पर संत समाज की नाराजगी पर उन्होंने कहा, संत राम मंदिर निर्माण को लेकर सरकार के विरोध में नहीं हैं। उन्हें मालूम है कि राम मंदिर रामभक्त ही बनवाएंगे। संभव है कि भाजपा के संकल्प पत्र में राम मंदिर निर्माण हो।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री पर दिए गए बयान पर बोलीं, वह देशहित की नहीं, देश को खंडित करने की बात करती है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की पहल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा, पहले आती थी तो मंदिर के आसपास गंदगी का अंबार दिखता था। दर्शनार्थियों की बेहतर सुविधाएं देने का प्रयास देखकर अच्छा लगता है। धार्मिक कार्य में विकास का विरोध गलत है। कांग्रेस की ओर से जारी राहुल गांधी के राम अवतार पोस्टर पर उन्होंने जवाब नहीं दिया।