वाराणसी। मिर्जापुर जेल में निरुद्ध चंदौली के निलंबित एआरटीओ (प्रवर्तन) आरएस यादव के आय से अधिक संपत्ति के मामले की जांच की आंच में उसका लेखा-जोखा तैयार करने वाले भी आएंगे। विजिलेंस जल्द ही यादव का आयकर रिटर्न तैयार करने वाले सीए सहित अन्य सभी को नोटिस जारी कर बयान दर्ज कराने के लिए तलब करेगी। विवेचना के दौरान इस प्रकरण में जो भी दोषी पाया जाएगा उसे भी दर्ज मुकदमे में सह अभियुक्त बनाया जाएगा। इसके साथ ही विजिलेंस यादव की पत्नी, दो बेटों, दो बेटियों, दो सालों, कथित कर्मचारी और कथित ड्राइवर से भी पूछताछ की विजिलेंस की तैयारी है। विजिलेेंस के सूत्रों के अनुसार यादव और उसके करीबियों के आने वाले दिन मुश्किल भरे होंगे।
विजिलेंस की ओर से कैंट थाने में आरएस यादव के खिलाफ 26 जनवरी को आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मुकदमे की विवेचना विजिलेंस की ओर से शुरू कर दी गई है। यादव पर आरोप है कि समस्त स्रोतों से अर्जित आय से 1 करोड़ 15 लाख 98 हजार 351 रुपया उसने अधिक खर्च किए हैं। इसके अलावा कई शहरों में यादव ने बेनामी संपत्तियां खरीद रखीं हैं और कई कंपनियों में निवेश के साथ ही लाखों के शेयर खरीद रखे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि विवेचना शुरू कर दी गई है। ठोस तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर विवेचना जल्द पूरी कर अदालत में यादव के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।