फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रात हम देखली सपनवा हो रामा, पिया घर अइले...

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षा संकाय में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी की दूसरी संध्या गीत और संगीत के नाम रही। लोकगीत गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने अपने गीतों से कार्यक्रम को सुरीला बना दिया। पूर्वोत्तर के छात्र-छात्राओं ने भी अपने पारंपरिक नृत्य व संगीत से श्रोताओं का मनोरंजन किया। कार्यक्रम का आयोजन भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद, साहित्य अकादमी, उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान लखनऊ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के शिक्षा शास्त्र विभाग और विद्याश्री न्यास के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
विज्ञापन

सोमवार को संगीत संध्या की शुरुआत करते हुए मालिनी अवस्थी ने नीमिया के डरिया... पर तान छेड़ी तो पूरा हाल मंत्रमुग्ध होकर उनके सुरों के उतार-चढ़ाव को महसूस कर रहा था। अगली प्रस्तुति में उन्होंने एक विरहिनी की वेदना को व्यक्त करते हुए रात हम देखली सपनवा हो रामा पिया घर अइले...पेश किया। बातचीत के दौरान मालिनी अवस्थी ने कहा कि पं. विद्या निवास मिश्र के विचार हम सभी को प्रेेरणा देते रहेंगे। उनके व्यक्तित्व की छाप मेरे कला जीवन पर है क्योंकि उनका मानना था कि आज का कलाकार सिर्फ लोगों के मनोरंजन के लिए गाता है। इसलिए वो उसे आत्मसात नहीं कर पाता।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें