वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कहना है कि डिजिटल इंडिया न्यू इंडिया को नई शक्ति और नई पहचान देगा। इससे आम आदमी की शक्ति बढ़ रही है। यह सरकारी लेनदेन में पारदर्शिता का साधन भी बना है। कहा, बैंकिंग से लेकर जमीन की जानकारी सहित कई सुविधाएं ऑनलाइन हैं। साढ़े चार साल में नेटवर्क तैयार कर तीन लाख से अधिक गांवों में कॉमन सर्विस सेंटर की सुविधाएं पहुंच गई हैं। देश की सवा लाख और यूपी की 29 हजार ग्राम पंचायतें ब्राड बैंड से जुड़ गई हैं। पोस्टल पेमेंट बैंक के जरिए डाकिया ही घर जाकर बैंक का लेनदेन करेगा। 25 हजार पोस्ट ऑफिस यह सुविधा शुरू हो गई है। डिजिटल सेवाओं की शक्ति के माध्यम से एमएसएमई को ऑनलाइन ऋृण स्वीकृत किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा, देश में इंटरनेट यूजर्स की संख्या बढ़ी है। 65 फीसदी इंटरनेट कनेक्शन की बढ़ोत्तरी हुई है। सरकार ने सिटीजन सेंटिंक एप्रोच, मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के जरिए तमाम प्रक्रियाओं को सरल और सामान्य आदमी की पहुंच में किया है। डिजिटल इंडिया के माध्यम से जन जन के जीवन को आसान बनाया जा रहा है। जन्म-जीवन प्रमाण पत्र, ईपीएफ की सुविधा ऑनलाइन है। दिव्यांगों और वृद्धों के प्रमाणपत्र घर तक पहुंचाए जा रहे हैं।
जेम के जरिए यूपी के कारोबारी उठाएं फायदा
डिजिटल इंडिया के केंद्र सरकार की वेबसाइट से जुड़ने के मुद्दे पर कहा सरकार ने ई-मार्केट का बेस बना दिया है। अलग-अलग विभागों के लिए सरकार ने ई-मार्केट बेस बना दिया है। कारोबारी केंद्र और राज्य सरकार को सीधा उत्पाद बेच सकता है। जेम वेबसाइट के जरिए यूपी के कारोबारी फायदा उठा सकते हैं।
अब मोबाइल पर जानें पेंशन का स्टेटस
प्रधानमंत्री ने कहा, टेलीकॉम विभाग से जुड़े पेंशन में सहायता देने वाली परियोजना शुरू होने से पेंशन भोगियों को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सामान्य योजना के जरिए पेंशन की स्वीकृति से निपटारे तक का काम विभाग करेगा। करीब 11 हजार करोड़ रुपये की पेंशन का भुगतान समय से होगा। पेंशनधारक स्टेटस मोबाइल से ट्रैक कर पाएगा।