वाराणसी। अपने अतिथि सत्कार के लिए दुनिया भर में पहचान रखने वाला बनारस इस बार प्रवासी भारतीय सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। जिसकी तैयारियां विद्यालय प्रांगणों में मूर्त रूप लेने लगी हैं। विभिन्न देशों की संस्कृति, कला, वहां के प्रसिद्ध इमारतों की झाकियों से उस देश का नजारा देखा जा सकता है। गुरुवार को प्रवासी भारतीय सम्मेलन के अंतर्गत विभिन्न स्कूलों में प्रदर्शनी लगाई गई। जिसमें बच्चों ने पारंपरिक वेशभूषा, खान-पान, मंदिर, नृत्य, पारंपरिक रहन-सहन को अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दिखाया।
सोनारपुरा स्थित दुर्गाचरण बालिका इंटर कॉलेज की छात्राओं ने दक्षिण कोरिया की संस्कृति को प्रस्तुत करते हुए वहां का फ्रें ड डांस प्रस्तुत किया तो वहीं फूड कोर्ट में विभिन्न व्यंजनों से वहां के खान-पान का स्वाद अतिथियों को चखाया। मॉडल व चित्रकला के जरिए उन्होंने वहां के मंदिर, प्रसिद्ध इमारतों को प्रदर्शित किया, तो फैशन शो में वहां के पारंपरिक वेशभूषा को दिखाया गया। मुख्य अतिथि एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज भेलूपुर के प्रधानाचार्य विश्वनाथ दुबे, रामकृष्ण विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य भगवती चरण दुबे, बंगाली टोला इंटर कॉलेज सोनारपुरा के प्रधानाचार्य जयप्रकाश पांडेय व आर्यन इंटरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य रहे। संचालन प्रो. शिखी सिंह व धन्यवाद पद्मजा शर्मा ने दिया।
गुरुनानक इंग्लिश स्कूल शिवपुर के विद्यार्थियों द्वारा प्रवासी भारतीय सम्मेलन के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें अफ्रीकी देश ‘चाड’ की संस्कृति सभ्यता, भाषा व राष्ट्रीय ध्वज के बारे में बताया गया। चैडियन धुन के साथ मुख्य अतिथि अंजू मलिक का स्वागत किया गया। श्रीराम कांवेंट स्कूल आशापुर में मेडागास्कर देश की सभ्यता व संस्कृति को दर्शाया। मुख्य अतिथि जिला विकास अधिकारी रामाकांत तिवारी रहे। उदय प्रताप इंटर कॉलेज भोजूबीर में बच्चों ने चित्रकला के माध्यम से छात्रों ने रोमानिया देश को प्रस्तुत किया। अतिथि मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही राष्ट्र के विकास की धुरी हैं।