वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र काशी के विकास को हथियार बनाकर विपक्ष पर जमकर वार किया। गंगा प्रदूषण से लेकर शहर के मूलभूत सुविधाओं के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कराए जा रहे विकास कार्यो का बखान कर काशीवासियों को अपने कार्यकाल से पहले के हालात की भी याद दिलाई। प्रधानमंत्री वाराणसी के संस्कृति, संस्कार, प्रेम का जिक्र कर बनारसियों को बाबा भोलेनाथ जैसा भोला बताया। पूरे भाषण में प्रधानमंत्री ने विपक्ष पर सीधा प्रहार करने की बजाय विकास के मुद्दे पर घेराबंदी की।
13वें दौरे पर प्रधानमंत्री ने 936. 95 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को काशी को समर्पित करने के बाद वाराणसी के विकास के जरिए अपना चार साल का रिपोर्ट कार्ड भी पेश किया। भोजपुरी में भाषण की शुरुआत कर खुद को काशी से जोड़ा तो बाबा भोलेनाथ और सावन मेले के जरिए यहां की आस्था व्यक्त किया। गंगा की पीड़ा के बहाने विपक्ष पर निशाना साधा तो अपने कार्यकाल में हुए विकास से काशी के प्रति अपने लगाव को भी जाहिर किया।
प्रधानमंत्री के संबोधन के हर वाक्य में अपनापन दिखा। यहां की मेहमाननवाजी से विदेशों तक में चर्चा का जिक्र लोगों को अभिभूत किया। बनारस के हर छोटे-बड़े विकास के साथ गंगा, बाबा भोलेनाथ और बीएचयू का जिक्र उन्होंने कई बार किया। सहयोग और सौहार्द पर काशीवासियों की परंपरा मां गंगा के पीड़ा बांटने के गुण से जोड़ा।
योजना, परियोजना और विकास कार्यों का जिक्र करने के बाद प्रधानमंत्री ने आश्वस्त भी किया कि यह मेरा दायित्व है और विकास का यह सिलसिला जारी रहेगा। उन्होंने काशीवासियों के मेहनतकश से खुद को जोड़ा और कहा मेहनत करता रहा हूं और करता रहूंगा।