वाराणसी। मारवाड़ी अस्पताल के सीएमओ डॉ. सिद्ध गोपाल की मौत अनसुलझी गुत्थी बनकर रह जाएगी। जीआरपी और आरपीएफ का कहना है कि डॉ. गोपाल के परिवार की ओर न तो शिकायत दर्ज कराई गई है और और न ही उच्चाधिकारियों के स्तर से जांच का आदेश दिया गया है। डॉ. सिद्ध गोपाल के मोबाइल पर आखिर किसकी कॉल आई थी जिसके बाद वो विचलित होकर कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे, इसका राज अब भी बरकरार है। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने इस संबंध में पड़ताल करने का निर्देश रविवार को भी नहीं दिया कि आखिर किसकी कॉल आई थी।
21 जून को पद्मश्री डॉ. सरोज चूड़ामणि गोपाल के पति डॉ. सिद्ध गोपाल कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर नौ पर बेगमपुरा एक्सप्रेस के शंटिंग इंजन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए थे। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई थी। जीआरपी इंस्पेक्टर अशोक दुबे ने बताया कि हादसे के दिन शंटिंग कर रहे लोको पायलट ने अपने बयान में कहा है कि उन्होंने बुजुर्ग को ट्रेन को सामने आते नहीं देखा था।
उधर, हादसे के दिन आरपीएफ की ओर से कहा गया था कि घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में कैद है। अब आरपीएफ इंस्पेक्टर अनूप सिन्हा इससे इंकार कर रहे हैं और उनका कहना है कि हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद नहीं है। कारण यह है कि जहां सीसीटीवी कैमरा लगा है, उससे लगभग सौ मीटर दूर डॉ. गोपाल ट्रेन की चपेट में आए।