वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में शनिवार की शाम महिला मरीज की मौत और उसके बाद वीसी आवास पर डेड बॉडी रखकर प्रदर्शन मामले की जांच मंगलवार से शुरू होगी। कुलपति के आदेश पर चार सदस्यीय जिस फैक्ट फाइडिंग कमेटी का गठन किया गया है, वह मामले में लगाए गए इंजेक्शन सहित अन्य पहलुओं की जांच कर 72 घंटे में रिपोर्ट सौपेंगे।
अस्पताल के गैस्ट्रोलॉजी विभाग में भर्ती गंगामहल निवासी अनीता यादव (32) की इलाज के दौरान 26 मई को मौत हो गई थी। इसके बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए डेड बॉडी को वीसी आवास के बाहर रखकर प्रदर्शन किया था। परिजनों का आरोप था कि शाम 7 बजे इंजेक्शन लगने के बाद अनीता की तबीयत बिगड़ी और उसकी मौत हो गई। रात 10 बजे से शुरू होकर तीन घंटे तक चले धरने के बाद कुलपति के निर्देश पर एडिशनल सीएमओ डॉ. ओपी तिवारी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। सूत्रों के अनुसार कमेटी जिन बिंदुओं पर जांच करेगी, उसमें इंजेक्शन का लगाया जाना, परिजनों के आरोप, वीसी आवास पर धरना देना आदि शामिल हैं।