वाराणसी। स्पेन के प्रशिक्षक फ्रांसिस्को परेज लेजारो ने कहा कि भारत में तो फुटबाल की अद्भुत प्रतिभा है। इसके आधार पर कहा जा सकता है कि प्रयास हाेंगे तो पांच साल बाद भारतीय फुटबाल की तस्वीर बेहद सुनहरी हो जाएगी। बच्चों में तकनीकी सुधार की आवश्यकता है। प्रतिभाएं बहुत तेजी से सामने आ रही हैं और भारतीय फुटबाल में तेजी से काफी बदलाव भी आए हैं लेकिन चुनौतियां भी बहुत हैं।
शुक्रवार को बातचीत के दौरान स्पेनी कोच ने बताया कि फुटबाल तकनीक और मनोविज्ञान का खेल है। भारत में गर्मी अधिक पड़ती है इसलिए बच्चे देर तक अभ्यास नहीं कर पाते हैं। बेहतर खिलाड़ी बनना है तो आठ साल की उम्र में बच्चों को मैदान में उतर जाना चाहिए। यूरोप में खेल और पढ़ाई दोनों साथ-साथ चलती है। वहां छुट्टियों के दौरान केवल खेल की गतिविधियां होती हैं लेकिन भारत में गर्मी की छुट्टियों में लोग घूमने निकल जाते हैं। यूरोपीय देशों में फुटबाल एक संस्कृति है। यहां हर साल स्पोर्ट्स कैलेंडर बदल जाता है लेकिन यूरोप में ऐसा नहीं होता है। खिलाड़ियों के साथ-साथ कोच को भी प्रशिक्षण दिया जाना बेहद जरूरी है। हर दिन बदलाव हो रहे हैं और उन बदलावों के बारे में जानना बेहद जरूरी होता है। दिल्ली में आई लीग की छह टीमें हैं लेकिन यूपी में एक भी लीग टीम नहीं है।