फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मंच पर जीवंत हुईं प्रेमचंद की कहानियां

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। वनिता पब्लिक स्कूल के सभागार में शनिवार को मुंशी प्रेमचंद की कहानियां और उनके पात्र जीवंत हो उठे। हिंदी विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बच्चों ने उनकी प्रमुख कहानियों का शानदार मंचन किया। स्वरचित कहानियों का पाठ किया तो चित्रकारी के माध्यम से भी कथा सम्राट को अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
विज्ञापन

प्रेमचंद की जयंती के उपलक्ष्य में छात्र-छात्राओं ने मुंशी प्रेमचंद की कहानियों सुभागी, नमक का दारोगा, ईदगाह, सवा सेर गेहूं और बूढ़ी काकी का जीवंत मंचन किया। सुभागी में सज्जन सिंह के रूप में आत्मजा घोष, ईदगाह में हामिद के रूप में आर्यन, नमक का दारोगा के वंशीधर के रूप में उज्ज्वल और बूढ़ी काकी का किरदार दीक्षा मौर्या ने बखूबी निभाया। अंकित और हर्ष ने स्वरचित कहानियां सुनाईं। युक्ता और मयंक ने मंच संचालन किया।
इसके पूर्व चित्र प्रदर्शनी का शुभारंभ विद्यालय के अध्यक्ष अरविंद शुक्ल, प्रबंधक ओम प्रकाश अग्रवाल, प्राचार्य रेणुका नागर एवं उप प्राचार्य अर्चना मेहता ने मुंशी प्रेमचंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ कि या। बच्चों ने प्रेमचंद की कहानियों और पात्रों कैनवास पर उकेरा था। अध्यक्ष ने कहा कि प्रेमचंद की कहानियों समाज का आईना हैं। उनसे सीख लेने की जरूरत है। विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता श्रीवास्तव के निर्देशन में प्रीति श्रीवास्तव, सुनीता चौरसिया, आशा पाठक, संगीता अग्रवाल, अमिता वर्मा ने सराहनीय सहभागिता की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें