वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में केंद्र एवं प्रदेश की ओर से संचालित विकास कार्यों में लापरवाही नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही पर आखिरकार भारी पड़ गई। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने पिछले दौरे में ही उन्हें सचेत किया था। अलग से उनके साथ बैठक की थी और सफाई, सीवर जैसी बुनियादी समस्याओं के लिए ठोस पहले करने के निर्देश दिए थे। शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश ने भी पिछले दिनों यहां निरीक्षण के दौरान हृदय समेत अन्य योजनाओं के कार्यान्वयन में सुस्ती और कूड़ा प्रबंधन में ढिलाई पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
माना जा रहा है कि विकास कार्यों में लापरवाही और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी जनशिकायतों के निबटारे में रुचि न लेने के कारण शासन की भृकुटी टेढ़ी हुई। गुरुवार को श्रीहरि प्रताप शाही को हटाने का आदेश जारी होने के साथ ही नगर निगम में हर तरफ इसी की चर्चा रही। शाही की जगह अब डॉ. नितिन बंसल नए नगर आयुक्त होंगे। डॉ. नितिन अब तक राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन उत्तर प्रदेश के निदेशक थे।
बता दें कि इसके पहले भी श्रीहरि प्रताप शाही का तबादला हुआ था लेकिन किन्हीं कारणों से रोक दिया गया था। नागरिकों और पार्षदों का फोन नहीं उठाने की शिकायत भी शासन को कई बार मिल चुकी थी। पार्षदों की शिकायत थी की समस्या से अवगत कराने के लिए फोन करने पर नगर आयुक्त कॉल रिसीव नहीं करते। यह मसला सदन में भी उठा था। महापौर रामगोपाल मोहले भी कार्यों में ढिलाई पर कई बार नाराजगी जता चुके थे।