वाराणसी। आरजे व एंकर बनाने के नाम पर छात्र-छात्राओं से धोखाधड़ी के मामले में स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक साईं शेखर तिवारी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर इलाहाबाद पुलिस ने वाराणसी पुलिस को आइना दिखा दिया है। यह भी बता दिया कि आपराधिक मामलों के आरोपियों के खिलाफ बिना किसी के दबाव पुलिस कानूनी शिकंजा कैसे कस सकती है। पुलिस चाह ले तो आरोपी न तो भाग सकते हैं और न ही साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं। तीनों आरोपी चूंकि यहां भी वांछित थे इसलिए इलाहाबाद पुलिस ने सिगरा थाने को इनके पकड़े जाने की सूचना दे दी है।
स्कूल संचालक साईं शेखर तिवारी सहित अन्य सभी आरोपियों के प्रति सिगरा थाना पुलिस का रवैया शुरू से ही उदार रहा। 20 छात्र-छात्राएं अप्रैल में शिकायत लेकर सिगरा थाने पहुंची तो थानाध्यक्ष सतीश सिंह ने सबको टरका दिया। पीड़ित छात्र-छात्राओं ने हिम्मत नहीं हारी और सभी तत्कालीन आईजी रेंज दीपक रतन के पास गुहार लगाने पहुंच गए। आईजी रेंज के निर्देश पर 28 अप्रैल को सिगरा थाने में तिवारी के साथ-साथ मोना जसलानी, यशार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी, छल और धमकाने का मुकदमा दर्ज हुआ। दर्ज मुकदमे की विवेचना एसआई अरुण सिंह को सौंपी गई।