वाराणसी। शहर में बदमाश इस कदर बेखौफ हो गए हैं कि दिनदहाड़े हत्या करने के साथ ही जेल से छूटने के बाद पीडि़तों को असलहे के दम पर उनके घर धमकाने पहुंच जा रहे हैं। शुक्रवार की दोपहर सपा नेता प्रभु साहनी की हत्या हुई तो रात में बदमाशों ने चौक थाना के बुलानाला क्षेत्र में फायरिंग कर दहशत फैला दी। संयोग अच्छा रहा और इलाकाई लोगों व पुलिस के समन्वय से गुरुवार को ही जेल से छूटा बदमाश संजय यादव उर्फ नाटे और उसका दोस्त ऋषभ सेठ पकड़ा गया। दोनों के पास से एक पिस्टल, एक तमंचा और दो कारतूस बरामद हुए हैं। देर रात तक चौक पुलिस और क्राइम ब्रांच दोनों से पूछताछ करने में जुटी हुई थी।
हत्या, हत्या का प्रयास, गैंगेस्टर सहित अन्य गंभीर आपराधिक मामलों का आरोपी संजय यादव उर्फ नाटे गुरुवार को जेल से बाहर आया। अगस्त 2017 को चौक क्षेत्र में झोला व्यापारी मोहन निगम की हत्या की गई थी। हत्या का खुलासा कर पुलिस ने नाटे और शुभम केशरी को सितंबर 2017 में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। चौक थाना क्षेत्र निवासी लखन शर्मा से नाटे की पुरानी रंजिश है। पुरानी रंजिश को लेकर शुक्रवार की रात ऋषभ को लेकर नाटे बुलानाला क्षेत्र में पहुंचा और लखन को देखते ही फायरिंग कर दिया। फायरिंग में लखन बाल-बाल बच गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों, समीप स्थित पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों और मौके से गुजर रही सीओ दशाश्वमेध स्नेहा तिवारी ने दोनों बदमाशों को दबोच लिया। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्त में आया बदमाश नाटे और ऋषभ शातिर किस्म के अपराधी है। दोनों के पास से दो असलहे बरामद हुए हैं और मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।