वाराणसी। जनवरी में होने वाले प्रवासी भारतीय सम्मेलन के स्थान को तय करने के लिए 11 मई को शासन की टीम वाराणसी पहुंचेगी। प्रशासन की ओर से प्रस्तावित तीनों स्थान का निरीक्षण कर उस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। मंगलवार को प्रवासी भारतीय सम्मेलन को लेकर लखनऊ में बैठक हुई और इसकी तैयारियों की भी समीक्षा की गई। समारोह में आने वाले प्रवासी भारतीयों को उच्च स्तरीय सुविधाओं उपलब्ध कराने पर चर्चा की गई। एनआरआई राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाति सिंह ने मंगलवार को आयोजित बैठक में प्रवासी भारतीय दिवस की तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए। इसमें तय हुआ कि 21 जनवरी से शुरू होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन के बाद 23 जनवरी को इलहाबाद में कुंभ दर्शन और 26 जनवरी को दिल्ली में गणतंत्र दिवस के परेड में शामिल किया जाएगा। इस सम्मेलन का थीम नए भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका तय किया गया है।
मंगलवार को सचिवालय के परिजात सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्वाति सिंह ने समारोह की व्यवस्थाओं के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने आय अर्जित करने के लिए स्थान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रमुख सचिव सूचना अवनीश अवस्थी ने सभी विभागों के आयोजन की तैयारियों का विवरण और अनुमानित व्यय का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रवासी भारतीयों को स्विज कोटेज में रुकवाने और परिवहन के लिए छोटे वाहनों का उपयोग करने के निर्देश दिए। वाराणसी प्रशासन की ओर से सम्मेलन के लिए डीरेका, दीनदयाल सांस्कृतिक संकुल बड़ा लालपुर और गंगा किनारे के डोमरी गांव का प्रस्ताव दिया गया। तीन विकल्पों के निरीक्षण के लिए 11 मई को शासन से टीम आएगी और इसके बाद स्थान चयन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। इस आयोजन के लिए प्रशासन की ओर से 60 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। 15वां प्रवासी भारतीय सम्मेलन उत्तर प्रदेश सरकार और विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित किया जा रहा है। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि 11 मई को शासन की टीम स्थान चयन पर अंतिम निर्णय लेगी। इसी संबन्ध में 16 मई को दिल्ली में बैठक होगी।