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कदम-कदम पर झूठ, धोखा और फर्जीवाड़ा0

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वाराणसी। महमूरगंज स्थित स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग की नींव ही झूठ और धोखाधड़ी के सहारे रखी गई है। इसका खुलासा मंगलवार को नोएडा स्थित द नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर इंटरप्रेन्योरशिप एंड स्माल बिजनेस डेवलपमेंट (निसबड) के कार्यालय में संपर्क करने पर हुआ। दरअसल, स्कूल संचालकों का दावा है कि नोएडा स्थित इंद्रप्रस्थ एकेडमी नॉलेज इनीशिएटिव फाउंडेशन से मान्यता लेकर साईं स्टेट एंड एजूकेशनल ट्रस्ट एक साल का डिप्लोमा और तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स संचालित करता है। फाउंडेशन को निसबड से संबद्धता है। मगर निसबड के अधिकारियों ने इससे इंकार करते हुए बताया कि संस्थान से फाउंडेशन संबद्ध नहीं है और न ही ऐसी कोई जानकारी उनके डाटाबेस में मौजूद है।
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निसबड की ओर से यह भी बताया गया कि जगह-जगह से आ रही शिकायतों के कारण अक्तूबर, 2017 से उन्होंने अपने सभी ट्रेनिंग पार्टनर की एक्टिविटी पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने कहा कि इंद्रप्रस्थ फाउंडेशन को निसबड की ओर से संबद्धता का पत्र कैसे जारी हुआ और साईं ट्रस्ट ने कैसे उससे मान्यता ले ली, यह समझ से परे है। कहा, निसबड के नाम पर कोई ट्रेनिंग नहीं दिला सकता है और ऐसा करना गलत है।
गौरतलब है कि 28 अप्रैल को सिगरा थाने में 20 छात्र-छात्राओं की तहरीर पर स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक साईं शेखर तिवारी, सेंटर हेड मोना जसलानी, यथार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ धोखाधड़ी, छल, जान से मारने की धमकी देने और यौन उत्पीड़न के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। ‘अमर उजाला’ में खबर प्रकाशित होने के बाद तिवारी ने स्पष्टीकरण देते हुए स्कूल की मान्यता और इससे संबंधित अन्य कागजात ई-मेल से भेजे। कागजातों की जांच-पड़ताल में सामने आया कि स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग धोखाधड़ी कर रेडियो जॉकी, एंकर सहित ब्रॉडकास्टिंग क्षेत्र में कैरियर बनाने का सपना देखने वाले युवक-युवतियों का भविष्य बरबाद कर रहा है।
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