वाराणसी। बीएचयू के रूईया हॉस्टल में शनिवार को एमबीबीएस और बीडीएस छात्रों के बीच जमकर मारपीट के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन कड़ा फैसला ले सकता है। इसमें दोनों का हॉस्टल अलग-अलग करने के साथ ही मामले की जांच कराने की तैयारी चल रही है। इसके अलावा छात्रों की हर गतिविधि पर भी नजर रखी जा रही है, जिससे कि फिर कोई बड़ी घटना न हो सके। उधर, कार्यवाहक कुलपति डॉ.नीरज त्रिपाठी ने चीफ प्रॉक्टर, हॉस्टल वार्डन और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की समीक्षा की।
परिसर में शनिवार को रूईया हॉस्टल के सामने ग्राउंड में क्रिकेट मैच के दौरान क्रिकेट बाल को लेकर पहले 5.30 बजे मारपीट हुई बाद में मामला शांत भी हो गया। रात 8 बजे फिर मारपीट शुरू हुई। करीब आधे घंटे तक चली इस घटना से दहशत का माहौल रहा और दोनों पक्षों से कुल दर्जन भर छात्र घायल हुए। ट्रामा सेंटर में इलाज के बाद उन्हें हॉस्टल भेज दिया गया था। हालांकि देर रात दोनों पक्षों में समझौता तो हो गया था लेकिन अभी भी गुस्सा शांत नहीं हुआ है।
सूत्रों की मानें तो जल्द ही दोनों गुटों के बीच एक बार फिर बवाल हो सकता है। इस बीच एहतियात के तौर पर अब विश्वविद्यालय प्रशासन यहां से बीडीएस और एमबीबीएस छात्रों का हॉस्टल बदलने की तैयारी कर रहा है, जिससे कि फिर कोई टकराव न हो। इस बारे में पूछे जाने पर चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने बताया कि आईएमएस डायरेक्टर के निर्देशन में फैक्ट फाइडिंग कमेटी से जांच कराने का निर्णय लिया गया है, इसमें जो भी दोषी होगा, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बताया कि दोनों का हॉस्टल भी बदले जाने पर विचार चल रहा है, जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा भी हो सकती है।