वाराणसी। निकाय चुनाव में आधी आबादी को लुभाने के लिए सभी प्रत्याशियों ने महिला ब्रिगेड को सियासी बिसात पर उतार दिया है। महापौर की महिला सीट आरक्षित होने के बाद तय हो गया है कि 17 साल बाद इस सीट पर आधी आबादी का कब्जा होगा। ऐसे में महिला वोटर चुनाव में अहम रोल निभाएंगी। सभी राजनैतिक दलों ने चुनाव प्रचार की कमान महिला ब्रिगेड को प्रमुखता से दी है।
इस बार महापौर की सीट महिला ओबीसी आरक्षित है। महापौर के लिए छह प्रत्याशी मैदान में हैं। इसमें प्रमुख राजनीतिक पार्टी भाजपा से मृदुला जायसवाल, कांग्रेस से शालिनी यादव, सपा से साधना गुप्ता और बसपा से सुधा चौरसिया राजनीतिक अखाड़े में उतरने जा रही हैं। नगर निगम के इस चुनाव में 493487 महिला वोटर हैं। साफ है कि आधी आबादी ने जिस भी उम्मीदवार को अपना समर्थन दिया, उसकी राह काफी हद तक आसान हो जाए। राजनैतिक दलों ने भी इस सियासी समीकरण को समझते हुए अपनी महिला विंग को चुनाव प्रचार में उतार दिया है। सभी की अलग अलग जिम्मेदारी तय कर दी गई है। गली मोहल्ले से लेकर पॉल कालोनियों में महिला संगठन की इन कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत झोंक दी है। माना जा रहा है कि महापौर की महिला सीट के चलते महिला मतदाता अपनी पूरी हिम्मेदारी निभाएं। इसी चुनावी गणित को सभी दल अपने पक्ष में करना चाह रहे हैं।