वाराणसी। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की आनलाइन प्रक्रिया में भी नकल माफिया ने सेंध लगा दी। केंद्रों के निर्धारण और डिबार विद्यालयों की सूची तैयार करने में नकल माफिया की खूब चली। यही वजह है कि जिले के 11 विद्यालयों को डिबार करने की संस्तुति की गई थी लेकिन बोर्ड ने सिर्फ छह विद्यालयों को डिबार किया। यही नहीं, दो ऐसे विद्यालयों का नाम डिबार सूची से हटा दिया गया, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जा चुका है।
जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से माध्यमिक शिक्षा बोर्ड को 11 विद्यालयों को डिबार करने की संस्तुति की गई थी। इसमें से छह विद्यालय ही डिबार किए गए और पांच विद्यालयों को इस सूची से बाहर कर दिया गया। हाथी बरनी इंटर कॉलेज, जेसीई कॉलेज सभईपुर, शांति शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, समता इंटर कॉलेज सगहट, पद्मासिनी विद्या बिहार इंटर कॉलेज भुल्लनपुर, अनारकली बालिका इंटर कॉलेज, स्वराजी देवी बालिका इंटर कॉलेज, आदर्श कन्या इंटर कॉलेज दारानगर, काशी बुल्लू इंटर कॉलेज, प्राण बाबा इंटर कॉलेज, वीरलोरिक इंटर कॉलेज गोसाईपुर को डिबार करने के लिए बोर्ड कार्यालय भेजा गया था।
बोर्ड कार्यालय ने इनमें वीर लोरिक इंटर कॉलेज गोसाईपुर, पद्मासिनी विद्या बिहार इंटर कॉलेज भुल्लनपुर, समता इंटर कॉलेज सगहट, हाथी बरनी इंटर कॉलेज हाथी, जेसी इंटर कॉलेज समईपुर और शांति शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, आयर को डिबार कर दिया गया है। वहीं, स्वराजी देवी इंटर कॉलेज, अनारकली, प्राण बाबा, आदर्श कन्या, काशी बुल्लू का नाम इस सूची से हटा दिया गया है। इसमें स्वराजी देवी इंटर कॉलेज और अनारकली बालिका इंटर कॉलेज के खिलाफ जिला प्रशासन ने भी संस्तुति की थी। यही नहीं, इन दोनों विद्यालयों पर प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई थी।