वाराणसी। काशी रंग-बिरंगी लतरों, फूल-मालाओं और वंदनवारों से सज गई। रंगोलियों-अल्पनाओं से घर-आंगन को सजाया गया। ऊंची इमारतों से लेकर प्रतिष्ठानों तक पर जगमगाती लड़ियों से भोले की नगरी की छटा निखर गई। छोटी दीपावली पर गंगा तट से लेकर बहरी अलंग तक हर तरफ का नजारा ऐसा ही था। शुक्रवार को ज्योति पर्व पर दीपमालिकाएं सजाई जाएंगी। मंदिरों, भवनों से लेकर घाटों, मढ़ियों को पंक्तिबद्ध दीपों से सजाया जाएगा।
छोटी दीपावली पर गुरुवार की सांझ ढलते ही भवनों को रोशन कर दिया गया। नरक चतुर्दशी पर घरों की शुद्धता के लिए दीपज्योति जलाई गई। बाथरुम की सफाई कर दीये जलाए गए। इस मौके पर महिलाओं ने तुलसी के चौरा पर जहां दीपों की पंक्तियां सजाईं, वहीं घर-आंगन में चौरठ और हल्दी की रंगोलियों की एक से एक डिजाइन बनाई गई। गंगा तटों पर सूर्यास्त के बाद से ही महिलाओं की भीड़ दीपदान के लिए पहुंचने लगी। गंगा तटों पर रोज की तरह नेमी महिलाओं ने दीये जलाए। भवनों, इमारतों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया।
यमराज के नाम पर जले चार बाती वाले दीये
वाराणसी। नरक चतुर्दशी पर अकाल मृत्यु के भय से बचने के लिए खास जतन किए गए। इस शाम यमराज के नाम पर दीए जलाए गए। मीरघाट स्थित धर्मकूप पर दीप जलाने के लिए महिलाओं, बच्चों की भीड़ लगी रही।यहां यमराजेश्वर महादेव की सविधि पूजा, अभिषेक किया गया। घर-घर से निकली महिलाओं ने चार बाती वाले दीये यम के नाम पर जलाए।
अग्रसेन इंटर कॉलेज में महालक्ष्मी पूजनोत्सव आरंभ
वाराणसी। अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज परिसर में पीतल से बनीं पंच प्रतिमाओं की बुधवार को प्रतिष्ठापना के साथ ही पंच दीप महोत्सव आरंभ हो गया। युवा अग्रवाल समाज काशी की ओर से पंच प्रतिमाओं की प्रतिष्ठापना की गई। इसी के साथ श्री महालक्ष्मी पूजनोत्सव समारोह की शुरुआत हो गई। महालक्ष्मी, महासरस्वती, महाकाली के अलावा हनुमान और गणेश की प्रतिमाओं की सविधि पूजा की गई। विसर्जन शोभायात्रा 23 अक्तूबर को निकाली जाएगी। इस मौके पर अजय कृष्ण अग्रवाल, वल्लभदास अग्रवाल, रबीश अग्रवाल, कृष्ण मोहन अग्रवाल के अलावा संदीप अग्रवाल, अतीक अग्रवाल, सक्षम अग्रवाल, नमन अग्रवाल समेत युवा अग्रवास सम्मेलन के तमाम पदाधिकारी मौजूद थे।