वाराणसी। नगर निगम के विभिन्न अनुभागों में ठेका अनुबंध के लिए प्रयोग हुए स्टांप की जांच के लिए महालेखाकार कार्यालय (एजी) की छह सदस्यीय टीम सोमवार को यहां पहुंची। टीम ने ठेका अनुबंध के दस्तावेज खंगाले। पता चला कि लाखों-करोड़ों रुपये के काम के लिए महज सौ रुपये के स्टांप पर कार्यदायी एजेंसियों और ठेकेदारों से अनुबंध किया गया है। टीम ने दिनभर रिकॉर्ड खंगालने के बाद संबंधित विभागाध्यक्षों से भी पूछताछ की।
एजी की टीम ने नगर निगम के इंजीनियरिंग, परिवहन, लाइसेंस, उद्यान और विज्ञापन अनुभाग के कई सालों के रिकॉर्ड खंगाले। अब तक के रिकॉर्ड, किन-किन कार्यों में कितने के स्टांप लगे हैं, इसका पूरा विवरण लेकर टीम लौट गई। चीफ इंजीनियर कैलाश सिंह और मुख्य लेखाधिकारी (सीएफओ) शिवेंद्र सिंह से भी टीम ने इस बारे में ब्यौरा लिया। सीएफओ का कहना है कि किसी भी कार्य के लिए 100 रुपये के ही स्टांप पर एग्रीमेंट कराए जाने का प्रावधान शासन से ही निर्धारित है। जल्द ही जलकल में भी इसकी जांच होगी। उनका कहना था कि राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से स्टांप की जांच-पड़ताल हो रही है। इसकी रिपोर्ट शासन के जरिए केंद्र को भेजी जाएगी। राजस्व वृद्धि के लिए आने वाले दिनों में ठेका अनुबंध के स्टांप मूल्य में बढ़ोतरी की जा सकती है।