वाराणसी। देश में सनातन धर्मियों के साथ हो रहे छलावे को लेकर अब धर्म संसद भी कार्ययोजना तैयार कर चुका है। जल्द ही धर्म संसद सनातन धर्मियों को राजनीतिक दृष्टि से अपना नेतृत्व खड़ा करने की तैयारी करा रहा है। देश भर के संतों, महात्माओं और सनातनी हिंदुओं को जोड़कर इसे आगे बढ़ाने का काम करेगा। यह बातें बुधवार को विद्यामठ में आयोजित प्रेसवार्ता में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कही।
उन्होंने कहा कि रामनवमी पर्व पर परमधर्म हिंदू घोषणा पत्र जारी किया जाएगा, जिसमें हिंदुओं के विकास और उसकी रक्षा के लिए कार्य किया जाएगा। इस चुनाव में हिंदू अपने घर के बाहर एक पर्चा लगाएगा, जिस पर सनातन धर्मियों की कुछ मांगे रहेंगी, जो दल उनको मानेगा उसे वोट दिया जाएगा वरना नहीं और उस पर लिखा रहेगा कि अगर नहीं बदला व्यवहार अगली बार संतों की सरकार होगी। उन्होंने कहा कि इस देश में हिंदू को धर्म न मानने वाले ही देश में हिंदू की राजनीति कर रहे हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग खुद ही हिंदू को धर्र्म नहीं मानते हैं बल्कि उसे जीवन जीने की पद्धति बताते हैं। ऐसे में देश का सनातनी हिंदू अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहा है। उन्होंने परम धर्म संसद के बारे में बताते हुए कहा कि यह न कोई ट्रस्ट है, न ही कोई एनजीओ या परिषद् या संगठन नहीं है।