वाराणसी। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए ट्रिपल ड्रग थेरेपी आईडीए (आईवेरमेक्टिन, डाईइथाइलकार्बामोजन साइट्रेट और एलबेंडाजोल) अभियान की शुरुआत बुधवार से हुई। प्रदेश में बनारस से शुरू इस अभियान के तहत स्कूल-कॉलेजों के साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों में 24 फरवरी तक घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। इसमें छूटे हुए लोगों को 25-26 फरवरी को मॉप राउंड के तहत कवर किया जाएगा। राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी और स्वामी वरिष्ठानंद ने बच्चों को दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया।
कैंटोंमेंट स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में उद्घाटन करने के बाद राज्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, चिकित्सकों से इसके लिए लोगों को जागरूक करने का आह्वान किया। इस दौरान सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बनारस से शुरू होने वाले अभियान में लोगों को उनकी लंबाई के अनुसार दवाईयां खिलाई जाएंगी। इसके लिए जिले में 1125 बूथ बनाए गए हैं।
इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महिला एवं बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी, स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, बीएचयू कुलपति प्रो. राकेश भटनागर का अपील संदेश भी दिखाया गया। स्वामी वरिष्ठानंद ने कहा कि हाथी पांव के नाम से जाने जाने वाले फाइलेरिया के रोकथाम के लिए जागरूकता जरूरी है। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि वाराणसी में दो साल पहले हुए सर्वे में महज 7 फीसदी लोगों में फाइलेरिया के लक्षण मिले थे। इसके बाद ही अभियान चलाने का निर्णय लिया गया था। इस दौरान डॉ. पीके सेन, डॉ. एलिजाबेथ क्लाईमा, डॉ. जीएन सिंह, आदि लोग मौजूद रहे।