वाराणसी। पीएम मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के काशी के दौरे से पहले अपना दल ने अपनी ताकत दिखाने की तैयारी की है। पार्टी के संस्थापक डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती के बहाने मंगलवार को पार्टी एक तीर से दो निशाना साधेगी। लोकसभा चुनाव की अपनी मुहिम की शुरुआत के साथ ही विपक्ष के महागठबंधन में अपनी मजबूत भूमिका तय करेगी। जयंती समारोह में अपना दल के मंच पर विपक्ष के कई बड़े नेता आ सकते हैं।
सोनेलाल पटेल की राजनीतिक विरासत के जरिए पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष पल्लवी पटेल महागठबंधन में जुड़े दलों में अपनी पार्टी को फ्रंट पर लाने की कोशिश में जुटी हैं। पार्टी के आधार वोटर पटेल, राजभर, बिंद, कहार और कोईरी समाज में पैठ बढ़ाने की उनकी कोशिशें जारी हैं। वाराणसी, मिर्जापुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में अति पिछड़ा और पिछड़ा वर्ग को गोलबंद कर पार्टी महागठबंधन में अपनी बड़ी भूमिका देख रही है।
मंगलवार को छावनी के मल्टीपरपज हाल में आयोजित होने वाले जयंती कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के बाद रविवार को ‘अमर उजाला’ से बातचीत में पल्लवी पटेल ने कहा कि भाजपा के सरकार में किसानों का भला नहीं हुआ। गरीबों, नौजवानों को भी सिर्फ आश्वासनों से छला गया। अब जनता जागरूक हो गई है। पूर्वांचल में पटेल और राजभर समाज के लोग आज भी डॉ. सोनेलाल के सिद्धांतों से जुड़े हैं। महागठबंधन में अपना दल का अहम रोल होगा। बताया कि जयंती समारोह में कांग्रेस नेता डॉ. संजय सिंह, रालोद नेता जयंत चौधरी, सपा, बसपा, एनसीपी, जदयू के नेता आएंगे। लोकसभा चुनाव के बारे में कहा कि अपना दल (एस) के प्रत्याशी जहां लड़ेंगे वहां अपना दल अपने प्रत्याशी उतारेगा। अपना दल (एस) और अपना दल के विलय के सवाल पर कहा कि निर्णय अपना दल एस को करना है। उनकी तरफ से स्वागत है।