ज्ञानपुर। परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा सोमवार को अव्यवस्थाओं के बीच शुरू हुई। जिले के सीतावर्ती स्कूलों में निर्धारित समय के आधे घंटे बाद परीक्षा शुरू हुई। इसको लेकर बीआरसी से लेकर बीएसए दफ्तर की घंटी घनघनाने लगी। पहले दिन बड़ी संख्या में बच्चे परीक्षा में शामिल नहीं हो सके।
प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक विद्यालयों की 17 मार्च से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन भदोही महोत्सव संग कुछ खामियों के चलते परीक्षा सोमवार को शुरू हुई। पहले दिन पहली से लेकर आठवीं तक के विभिन्न विषयों की परीक्षा दोनों पालियों में हुई। छठवीं, सातवीं और आठवीं कक्षा में पहली पाली में गणित तो दूसरी पाली में विज्ञान की परीक्षा हुई जबकि पहली से पांचवीं तक सामान्य विषयों की परीक्षा हुई। सुबह साढ़े नौ बजे से परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन डीघ के कूड़ी खुर्द, कूड़ी खुर्द, भटगवा, जूनियर हाईस्कूल कुड़ी कला, कोनिया, शेरपुर, बसगोती मवैया, धनतुलसी समेत कई अन्य विद्यालयों में शिक्षक विलंब से पहुंचे। जिससे परीक्षा तय समय के बाद शुरू हो सकी। डीघ ही नहीं सुरियावां, अभोली, भदोही, औराई के सीमावर्ती स्कूलों में भी कमोबेश यही स्थिति देखने को मिली। विभाग के आंकड़ो पर गौर किया जाए तो पहली से लेकर आठवीं तक के करीब डेढ़ लाख बच्चों को वार्षिक परीक्षा में शामिल होना था। कितने बच्चे शामिल हुए यह स्पष्ट नहीं हो सका। माना जा रहा है कि 20 से 25 हजार बच्चों ने परीक्षा नहीं दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रकाश नारायण श्रीवास्तगव ने कहा कि डीघ के कुछ स्कूलों में विलंब से परीक्षा शुरू होने की सूचना है। बीईओ से जानकारी मांगी गई है।