वाराणसी। गुलाब की पंखुडियों संग इत्र की खुशबू मदमस्त करने वाली थी। गुलाबी परिधानों में सजी महिलाएं और अबीर गुलाल से रंगे उनके गाल। मस्ती और धमाल का आलम था। जेसीआई काशी शिव गंगा की ओर से गुरुवार को हुए गुलाब बाड़ी में होरी और चैती गीतों की धूम रही। होली मिलन समारोह के तहत मलदहिया स्थित एक होटल में क्लब की ओर से आयोजित इस गुलाब बाड़ी में उपशास्त्रीय गायिका प्रो. रेवती साकलकर ने अपने सुरों से महफिल सजाई।
प्रो. रेवती साकलकर ने दादरा व चैती गीतों से समां बांधा। ‘रंग डारूंगी, डारूंगी रंग डारूंगी, सांवर रंग लाल कर डारूंगी...’ गीत की प्रस्तुति पर महिलाएं थिरकने पर मजबूर हो गईं। ‘पिया मेहंदी मंगाईदा मोतीझील से, जाइके साइकिल से...’ पेश किया। इससे पहले सदस्यों ने गुलाब की पंखुडि़यों से होली खेली। शिखा, हरमीत और विद्या ने होली गीतों पर बेहतरीन नृत्य पेश किया। नेत्रा ने श्रीदेवी जी के गीतों पर नृत्य पेश कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रिया अग्रवाल ने ‘...आज बिरज में होली हो रसिया’ गीत पर नृत्य पेश कर समां बांधा। स्वागत अध्यक्ष सीमा गिरी ने किया। कार्यक्रम में अनुपमा, रानिका, माला, मीनू, नेहा, चित्रा, रश्मि, नीरजा, प्रिया मनोज, पूजा, हरमीत, नीतू, मिली, रीना, फरहत आदि मौजूद रहीं। संयोजन किरण मोहन, नीता सहगल का रहा। धन्यवाद ज्ञापन नीता सहगल ने किया।