वाराणसी। यूपी बोर्ड परीक्षा के दुर्व्यवस्था का आलम ये रहा कि परीक्षा वाले दिन तक परीक्षार्थियाें को प्रवेश पत्र बांटा जाता रहा। दूसरी पाली में परीक्षा थी और दोपहर बारह बजे तक डीआईओएस कार्यालय से प्रवेश पत्र बांटे जाते रहे। परीक्षार्थी केंद्र पर पहुंचकर प्रवेश पत्र आने का इंतजार कर रहे थे, तो अभिभाव व स्कूल के लोग डीआईओएस कार्यालय पर प्रवेश पत्र लेने पहुंचे थे। ये वह परीक्षार्थी थे जिनके परीक्षा आवेदन बोर्ड की ओर से निरस्त कर दिए गए थे। बाद में जब इनके आवेदनों का पुन: परीक्षण हुआ तो कई के आवेदन सही पाए गए। ऐसे करीब 250 से अधिक परीक्षार्थियाें को सोमवार व मंगलवार को प्रवेश पत्र बांटा गया। ऐसे में हजारों परीक्षार्थियों का साल बरबाद होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
बता दें कि बोर्ड के वाराणसी परिक्षेत्र के करीब 37 हजार से अधिक प्राइवेट के परीक्षा आवेदन निरस्त कर दिए गए थे। इसमें 30 हजार से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा फार्म में लगे हाईस्कूल व इंटर के फेल के मार्कशीट जाली मिले थे। वहीं सात हजार से अधिक ने आवेदन की हार्ड कॉपी नहीं जमा की थी। जिनके आवेदन निरस्त किए गए थे उन्हें तीन बार रिमाइंडर भी भेजा गया था। उनके संबंधित कागजात मांगे गए थे। बावजूद इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। जब बोर्ड की ओर से प्रवेश पत्र जारी किए गए तब जिनके प्रवेश पत्र नहीं मिले, उन्होंने मामले को संज्ञान में लिया। बोर्ड ऑफिस के चक्कर काटे, कागजात जमा किए। परीक्षण के चार सदस्यीय कमेटी गठित की गई। परीक्षण कर जिनके आवेदन सही थे, उनके प्रवेश पत्र जारी कराए गए। सोमवार की देर रात तक दिल्ली से प्रवेश पत्र जारी किए गए। जिनके प्रवेश पत्र रात में जारी नहीं हो पाए, बोर्ड की ओर से सुबह जारी किए और डीआईओएस कार्यालय से दोपहर तक प्रवेश पत्र बांटा गया।