वाराणसी। संत रविदास की जयंती में शामिल होने आ रहे मुख्यमंत्री के लिए मंदिर ट्रस्ट की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि बुधवार को सत्संग के उपरांत संत निरंजन दास और योगी आदित्यनाथ पंगत में बैठकर लंगर छकेंगे। लंगर में सीएम के लिए बिना लहसुन प्याज की दाल, रोटी और रायता तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही मंदिर प्रबंधन को यह उम्मीद है कि उनकी वर्षों से लंबित मांगों पर भी कुछ बात बनेगी।
सीएम बुधवार को 11:45 बजे सीरगोवर्धन स्थित रविदास मंदिर पहुंचेंगे। बारह बजे सीएम मुख्य पंडाल के लिए प्रस्थान करेंगे। यहां उन्हें फूलों का गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया जाएगा। साथ ही मंदिर प्रबंधन की तरफ से सरोपा और भगवा शाल भेंट की जाएगी। मंच पर ही रविदासिया धर्म का निशान साहब और संत रविदास की रजत प्रतिमा भी मुख्यमंत्री को भेंट की जाएगी। यहां से वापसी में संत निरंजन दास के साथ वह लंगर करेंगे। भाजपा के कार्यकर्ताओं को भी सीर गोवर्धन स्थित मंदिर परिसर में बुधवार को सेवा कार्य के लिए लगाया गया है। कैंट रेलवे स्टेशन से लेकर मंदिर तक श्रद्धालुओं के लिए चाय-पानी की व्यवस्था की जाएगी।
संत रविदास मंदिर के ट्रस्टी केएन सरोवा ने बताया कि मुख्यमंत्री से हम लोग कोई मांग नहीं करेंगे। हमारी बहुत सी मांगें हैं जो काफी समय से लंबित हैं। उनमें संत गुरु रविदास महाराज की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग । जन्मस्थान परिसर के चारों तरफ 50 मीटर का गलियारा, यात्री निवास, धर्मशाला की मांग को रखेंगे। मौसम की अनियमितता को देखते हुए स्थाई निवास की बेहद जरूरत है। इसके साथ ही बहुमंजिला यात्री निवास धर्मशाला के लिए तीन सौ करोड़ की राशि के आवंटन की मांग शामिल है।