वाराणसी। दिल में छेद की बीमारी से परेशान गरीब बच्चों का जल्द ही बीएचयू में इलाज शुरू होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक कदम आगे बढ़ते हुए अब सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र लिखकर जल्द ही बीएचयू प्रशासन से समझौता कराने का प्रस्ताव दिया है। उधर, शासन स्तर से इसके लिए बजट स्वीकृत करने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है। समझौता होते ही विश्वविद्यालय को बजट जारी कर दिया जाएगा।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में ब्लॉकवार गठित टीम की ओर से सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले 19 साल तक के बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया जाता है। पिछले दिनों जांच के दौरान हरहुआ ब्लॉक के 20 बच्चों समेत जिले में करीब 30 से अधिक ऐसे बच्चे मिले जिनके दिल में छेद हैं लेकिन गरीबी की वजह से वह इलाज नहीं करा पा रहे हैं। अब ऐसे बच्चों का इलाज स्वास्थ्य विभाग कराएगा, इसके लिए शासन स्तर से सभी औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं। गुरुवार को सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को पत्र भेजकर जल्द ही समझौता करने की बात कही है, जिससे कि इलाज शुरू हो सके। बताया कि बीएचयू प्रशासन से समझौता होते ही 25 लाख रुपये जारी कर दिया जाएगा। शासन ने इसके लिए स्वीकृति दे दी है।