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: जर्जर इमारतों की नींव हिला कर बना दिया बेसमेंट

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वाराणसी। सेंवई से लेकर चाइनीज उत्पादों तक के लिए समूचे पूर्वांचल में मशहूर दालमंडी बाजार की दुकानों के नीचे एक नया बाजार बन कर तैयार हो गया है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए), नगर निगम और थाना पुलिस की नाक के नीचे बन रहे इस बाजार के बारे में किसी को सुध नहीं है। वीडीए और नगर निगम से मिलीभगत कर दुकानदारों ने बाजार की जर्जर हो चुकी सैकड़ों साल पुरानी दुकानों के नीचे मनमाने तरीके से खुदाई करा कर इन दिनों 12 से 14 फीट ऊंचे दुकान और गोदाम बनाने के लिए अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से करा रहे हैं।
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खतरनाक तरीके से हो रही खुदाई के चलते इस तंग इलाके की यदि एक भी जर्जर इमारत अगर किसी भी कारण ढह जाए तो आसपास की कितनी और दुकानें इसकी चपेट में आएंगी और जन-धन की कितनी क्षति होगी, इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है। धड़ल्ले से जारी अवैध निर्माण के इस खेल का खुलासा सोमवार को आधी रात बाद तब हुआ, जब पैदल गश्त पर निकले एसएसपी रामकृष्ण भारद्वाज अचानक दाल मंडी पहुंच गए। मनमाने तरीके से खुदाई कराकर दुकानों के लिए नीचे बनाए जा रहे बेसमेंट देख खुद एसएसपी भी हैरान रह गए।
चौक थाना क्षेत्र का दाल मंडी का बाजार तकरीबन एक किलोमीटर लंबे दायरे में फैला हुआ है। रोजाना यहां दिन में 20 से 25 हजार लोग खरीदारी करने आते हैं। मगर बिल्डरों की नजर इस इलाके की सैैकड़ों साल से ज्यादा पुरानी दुकानों पर लग गई है। यहां की दुकानों को खरीदकर बिल्डर इनके नीचे भवन निर्माण के सारे नियम-कायदों को ताक पर रखकर बेसमेंट बनवा रहे हैं। पुरानी इमारतों की दीवार के नीचे खतरनाक तरीके से मजदूरों की जान जोखिम में डालकर लोहे के रॉड, गिट्टी और बालू के पिलर के सहारे जिस तरीके से निर्माण कार्य करा रहे हैं, इसको लेकर सिविल इंजीनियरिंग के जानकार भी हैरत में हैं। इस बारे में नए बाजार को देख एसएसपी ने थाना पुलिस को भी फटकार लगाई। कुछ बेसमेंट में वह खुद गए और वहां की हालत देखी। चौक इंस्पेक्टर और पियरी चौकी प्रभारी को सख्त हिदायत दी कि 20 जनवरी को दाल मंडी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की जो कार्रवाई होगी, उसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए।
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उधर, वीडीए और नगर निगम के मुलाजिम अपने नकारेपन पर परदा डालने की कोशिश में हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि यदि इतने बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण गुपचुप करा लिए गए तो वीडीए और नगर निगम का निगरानी तंत्र क्या कर रहा था?
एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि बेसमेंट में खतरनाक तरीके से दुकानें बनाने वालों को इसकी अनुमति कहां से मिल गई, इसका पता लगाया जाएगा। अवैध निर्माणों पर कार्रवाई के लिए वीडीए उपाध्यक्ष और नगर आयुक्त को पत्र लिखा जाएगा। यह तय होना जरूरी है कि पुरानी दुकानों में बने ये बेसमेंट किस हद तक सुरक्षित हैं। स्थानीय पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है।
वीडीए सचिव विशाल सिंह ने कहा कि दाल मंडी में बेसमेंट बनाने की कोई जानकारी विभाग को नहीं दी गई है। पूरे मामले की जांच कराकर देखा जाएगा कि इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। नियम विरुद्ध तरीके से हो रहे सभी निर्माणों को सील करने के साथ ही भवन स्वामियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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