वाराणसी। रेल यात्रियों पर कोहरे की दोहरी मार पड़ रही है। जहां कोहरे के चलते ट्रेनें घंटो देरी से चल रही हैं तो वहीं ठंड में ठिठुरते हुए रेल यात्री ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं। 24 घंटे से भी ज्यादा देरी से शुक्रवार को शिवगंगा एक्सप्रेस वाराणसी पहुंची। वहीं अपने गुरुवार को दिल्ली जाने के निर्धारित समय शाम 7:40 के बजाय दूसरे दिन शुक्रवार को शाम चार बजे रवाना हो पाई। वहीं शुक्रवार को आने वाली शिवगंगा एक्सप्रेस और एक दिन पहले आने वाली नई दिल्ली-मंडुवाडीह की लोकेशन बताने में रेल कर्मचारी खुद को असमर्थ बता रहे थे। वहीं दूसरी ओर शिवगंगा एक्सप्रेस के रवाना होने का समय बार-बार बदलने पर यात्रियों ने हंगामा किया।
रात तो छोड़िए दिन में भी आउटर एरिया में पड़ रहे जबरदस्त कोहरे के चलते ट्रेनें रफ्तार नही पकड़ पा रही हैं। यही कारण है कि दर्जनों ट्रेनें देरी से चल रही हैं। उधर कैंट पर कानपुर-गोरखपुर चौरीचौरा एक्सप्रेस आठ घंटे, अमृतसर-कोलकाता दुर्गियाना सुपरफास्ट एक्सप्रेस आठ घंटे, जम्मूतवी-कोलकाता सियालदह एक्सप्रेस 11 घंटे, नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस चार घंटे, काशी विश्वनाथ और महानगरी एक्सप्रेस साढ़े चार घंटे, जैसलमेर-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस आठ घंटे, रत्नागिरी एक्सप्रेस 5:30 घंटे, दिल्ली से आने वाली स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस14 घंटे, हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस पांच घंटे, मरुधर एक्सप्रेस 9:30 घंटे, सूरत-छपरा ताप्तिगंगा एक्सप्रेस 6:40 घंटे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस आठ घंटे, कोटा-पटना एक्सप्रेस 16 घंटे, बेगमपुरा एक्सप्रेस छह घंटे, दिल्ली-मालदाटाउन फरक्का एक्सप्रेस नौ घंटे, दिल्ली-पूरी नीलांचल एक्सप्रेस 11 घंटे देरी से वाराणसी पहुंची।शिवगंगा एक्सप्रेस पहले गुरुवार की रात साढ़े तीन बजे, शुक्रवार को दिन में साढ़े तीन बजे और बाद में चार बजे रवाना होने की वजह से यात्रियों ने हंगामा किया। यात्री प्लेटफार्मों के अलावा प्रतीक्षालय की फर्श पर कंबल लपेटे ठंड से बचने कोशिश करते देखे गए। ट्रेनों के घंटो देर होने की वजह से कई लोगों ने तो लैपटॉप खोलकर और मोबाइल से ही अपना काम निपटाना शुरू कर दिया।