वाराणसी। बैंकाक में आयोजित मिस्टर एंड मिस इंडिया एशिया पैसेफिक में परचम लहरा कर लौटी काशी की बेटी पाखी सिंह मिस यूनिवर्स बनना चाहती हैै। मिस यूनिवर्स बनना उसका लक्ष्य है। अपनी अदा और आत्मविश्वास के बूते 30 से अधिक देशों के प्रतियोगियों को पछाड़ कर फर्स्ट रनर अप रही डीएलडब्ल्यू निवासी पाखी कहती है कि कोई शहर छोटा और बड़ा नहीं होता है। बस सोच और सपने बड़े होने चाहिए।
शुक्रवार को नई दिल्ली-मंडुवाडीह सुपरफास्ट एक्सप्रेस से वाराणसी पहुंची पाखी का मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर भव्य स्वागत हुआ। लगभग 20 मिनट देर से ट्रेन पहुंचते ही प्लेटफार्म नंबर एक पर ढोल ताशे बजने शुरू हो गए। सभी की निगाह पाखी की बोगी पर टिकी हुई थी। जैसे ही पाखी ताज पहनकर बोगी से निकली वात्सल्य सोसायटी व साथ खड़े लोग उत्साहित हो उठे। मॉडल को फूलमालाओं से लाद दिया गया। लोग नाचने लगे। बधाइयों का सिलसिला देख नई दिल्ली से ही उसके साथ आए यात्री भौचक रह गए। कुछ यात्री पाखी के बारे में जानने के लिए पूछताछ करते दिखे तो कुछ लोगों को इस बात का मलाल था कि युवती उनके साथ ही सफर कर रही थी, पता होता तो वे फोटो ले लेते।
पाखी की उपलब्धि पर परिवार और जानने वाले सभी उत्साहित थे। स्वागत करने वालों में मिलन श्रीवास्तव, फैशन डिजाइनर दीपिका, सुभाशीष और पूजा श्रीवास्तव प्रमुख रहीं। स्टेशन पहुंचने वालों ने पाखी के साथ खूब फोटो खिंचवाईं। स्वागत करने वालों और सेल्फी लेने वालों की स्टेशन पर भीड़-भाड़ देखकर जीआरपी और आरपीएफ भी मौके पर पहुंच गई। स्टेशन अधीक्षक सीपी सिंह ने भी पाखी को बधाई दी।