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गड्ढों में जलभराव से सड़कें बनीं जानलेवा

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वाराणसी। सड़कों और जलनिकासी के इंतजामों की बदहाली ने शहरवासियों के लिए मानसूनी बारिश का मजा किरकिरा कर दिया है। रिमझिम फुहारों से गर्मी और उमस से राहत मिली है लेकिन जलभराव और कीचड़ से सराबोर सड़कें मुसीबत का सबब बन गई हैं। खुदाई वाली सड़कों पर हालत अधिक खराब है। अधिकतर कॉलोनियों, मुहल्लों में भी रास्तों के कीचड़ और कचरे से पट जाने के कारण शहरियों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। बजबजाते नाले-नालियां और गलियों में उफनाते सीवर से मानसून की शुरुआती बारिश में ही हालात नारकीय हो गए हैं।
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शहर में दो दिन की लगातार बारिश से कई इलाकों में जलभराव से सांसत खड़ी हो गई है। गली-मुहल्लों की छोड़िए, मुख्य मार्गों पर भी हालात दुरुस्त नहीं हैं। पक्का महाल की गलियों में आईपीडीएस के तहत खुदाई के बाद रास्ते नहीं बनाए गए। वहीं, चौकाघाट और अर्दली बाजार महावीर मंदिर के पास खोदे गए गड्ढे जानलेवा बन गए हैं। महावीर मंदिर के पास दो तरफ के रास्ते बंद हैं। गोदौलिया चौराहे के पास सीवेज पाइप लाइन के लिए खुदाई कराई गई लेकिन अब तक सड़क दुरुस्त नहीं कराई गई। जबकि नौ जुलाई को गुरु पूर्णिमा और फिर दस जुलाई से सावन मेला शुरू होने के बाद सबसे अधिक भीड़ इस मार्ग पर होगी। पांडेयपुर-आजमगढ़ रोड के अलावा पांडेयपुर स्थित आवास-विकास और वीडीए कॉलोनी की सड़कें पर डूबी हैं। नाले-नालियों की सफाई न होने से सीवर उफना रहा है। बजरडीहा, कोनिया, लक्सा, गुरुबाग इलाके में भी कीचड़ और कचरे से पटी सड़कों पर बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कैंट, रोडवेज और नई सड़क पर भी कीचड़ और जलभराव से लोग परेशान हैं।

लगातार बारिश से शुरू नहीं हो पाया काम
पिछले दिनों सावन मेले की तैयारियों के सिलसिले में यहां आए प्रमुख सचिव और डीजीपी ने निर्देश दिया था कि कांवरिया मार्गों को सात जुलाई तक पैदल चलने लायक हर हाल में बना दें लेकिन लगातार बारिश के चलते इक्का-दुक्का सड़कों को छोड़ बाकी कहीं काम शुरू ही नहीं हो पाया है। पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं का कहना है कि काम कराने के लिए बारिश थमने का इंतजार है।
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कूड़ा उठान की व्यवस्था चरमराई
बारिश के बीच कूड़ा उठान की व्यवस्था और चरमरा गई है। कूड़े का उठान न होने से जगह-जगह कचरा सड़क पर फैल गया है। सड़कों पर सीवर ओवरफ्लो करने और कचरा फैलने से लोग परेशान हैं।

काम का तरीका बदलें नहीं तो कार्रवाई
नवागत नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल कार्यभार संभालने के बाद गुरुवार को पहली बार शहर की सफाई व्यवस्था का हाल जानने शहर में निकले। शुरुआत राजेंद्र प्रसाद घाट से की। फिर दशाश्वमेध, शीतला घाट और गोदौलिया में साफ-सफाई का जायजा लिया। घाटों पर सफाई व्यवस्था बेहतर न होने और वहां रखे गए अस्थायी टॉयलेट के आसपास गंदगी फैले होने पर कड़ी नाराजगी जताई। जिम्मेदारों को दो टूक चेतावनी दी कि काम का तरीका बदलें अन्यथा कार्रवाई के लिए तैयार रहें।

महापौर ने जलकल को दी चेतावनी
बारिश में सीवर ओवरफ्लो करने और नगर निगम की सफाई व्यवस्था लड़खड़ाने से नाराज महापौर रामगोपाल मोहले ने गुरुवार को जलकल के अधिकारियों को तलब किया। उन्होंने तत्काल समस्या का समाधान कराने की ताकीद की। साथ ही, इस बारे में अब तक किए गए कार्यों की रिपोर्ट तलब की। रेवड़ी तालाब, शिवाला, भदैनी, बजरडीहा, कोनिया इलाके में सीवर की सफाई के निर्देश दिए।

रेल यात्रियों को हुई समस्या
बारिश के बीच कैंट रेलवे स्टेशन पर जगह-जगह टूटे शेड से पानी गिरने लगा। कई स्थान तो ऐसे थे कि लोगों के लिए सिर छिपाना मुश्किल था। स्टेशन परिसर के विकास के लिए निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को बैठने की जगह भी मुश्किल से नसीब हुई। लोग सीढ़ियों तक बैठे नजर आए। ध्वस्त ड्रेनेज सिस्टम के चलते ट्रैक पर भी जगह-जगह पानी भर गया।
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