वाराणसी। डीरेका के निगमीकरण की प्रक्रिया का विरोध शुरू हो गया है। रेल संगठनों ने संयुक्त बैठक कर ‘डीरेका बचाओ संयुक्तसंघर्ष समिति’ बनाकर इसके विरोध की रणनीति बनाई है। इसके साथ ही राजनीतिक पार्टियों ने इसका विरोध किया है।
रेल संगठनों ने शुक्रवार को बैठक कर निगमीकरण के विरोध में एक साझा मंच ‘डीरेका बचाओ संयुक्तसंघर्ष समिति’ का गठन कर इसके संयोजक संयुक्तसचिव कर्मचारी परिषद बीडी दुबे को बनाया। तय हुआ कि इस मंच के बैनर तले इसका विरोध किया जाएगा। सोमवार से 27 जून तक कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर विरोध करने का निर्णय लिया गया है। 25 जून को कर्मचारी क्लब में आम बैठक, 26 व 27 जून को प्रशासन भवन के सामने गेट मीटिंग पर सहमति बनी। डीएलडब्ल्यू रेल मजदूर यूनियन के महामंत्री राजेंद्र पाल ने शुक्रवार को महाप्रबंधक को सौंपे गए पत्र के माध्यम से कहा कि बोर्ड के पत्र के बाद रेल कर्मचारियों में जबरदस्त रोष है।
बैठक में कृष्ण मोहन तिवारी, राजेंद्र पाल, राजेश भारती, सरदार सिंह, हरिशंकर यादव, मुकेश वर्मा व कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन सिन्हा, प्रदीप यादव, विनोद सिंह, और आलोक वर्मा उपस्थित रहे।