वाराणसी। दुष्कर्म के आरोपी घोसी सांसद अतुल राय गुरुवार को एक बार फिर अदालत में समर्पण नहीं कर सके। अधिवक्ताओं के न्यायिक कार्य से विरत रहने के कारण अदालत ने समर्पण की अगली तिथि 22 जून नियत की है। दीवानी कचहरी में इस बात की भी चर्चा रही कि अतुल समर्पण करने के लिए आए हैं, लेकिन न तो किसी ने उन्हें देखा और न उनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि की जा सकी।
बलिया जिले की रहने वाली यूपी कॉलेज की पूर्व छात्रा ने बीती एक मई को लंका थाने में अतुल राय के खिलाफ दुष्कर्म सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस का दबाव बढ़ता देख अतुल ने अदालत में समर्पण की अर्जी दी थी, लेकिन पेश नहीं हुए थे। दूसरी बार फिर उन्होंने समर्पण की अर्जी दी तो अदालत ने 20 जून की तिथि नियत की थी। गुरुवार को अतुल के अधिवक्ता अनुज यादव ने न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया है। ऐसे में समर्पण के लिए कोई अन्य तिथि निर्धारित कर दी जाए। इस पर अदालत ने समर्पण के लिए 22 जून की तिथि निर्धारित कर दी।