वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के शास्त्री आचार्य कुल 1320 सीटों में से करीब 800 सीटें ही भर पाई हैं। ऐसे में 40 प्रतिशत सीटें खाली रह गई हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन आगे उठाए जाने वाले कदमों पर विचार करेगा।
संस्कृत विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी है। यदि यहां सीटें बढ़ाई जा रही हैं तो उस अनुपात में छात्र नहीं मिल रहे हैं। इस बार स्थिति और भी खराब है। शास्त्री आचार्य की 1320 सीटों के लिए आवेदन मांगे गए थे, लेकिन सिर्फ आठ सौ अभ्यर्थियों ने ही पंजीकरण कराकर चालान जमा किया है। अब इस पर विश्वविद्यालय प्रशासन दोबारा विचार कर सकता है।
बढ़ाई गई 10 प्रतिशत सीटें
संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति की बैठक बुधवार को र्हुई। इसमें महाविद्यालयों में 10 प्रतिशत सीटें बढ़ाने पर सहमति बनी। कुलपति प्रो. राजाराम शुक्ल की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय से संबद्ध कालेजों के विभिन्न पाठ्यक्रमों में दस प्रतिशत सीटें बढ़ाई जाएंगी। यह कार्य शासनादेश के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सवर्णों को दाखिले में आरक्षण देने के लिए किया गया है। बैठक में छात्र कल्याण संकायाध्यक्ष प्रो. राम पूजन पांडेय, प्रो. हरप्रसाद दीक्षित, कुलसचिव राज बहादुर, प्रो. सदानंद शुक्ल, प्रो. सुधाकर मिश्र सहित अन्य लोग शामिल थे।