हंगामे के बाद 382.35 करोड़ की जिला योजना मंजूर
वाराणसी। हंगामे के बाद 47 विभागों की 382.35 करोड़ रुपये की जिला योजना के प्रस्ताव का अनुमोदन हुआ। जिले के प्रभारी नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने इसे मंजूरी दी। वित्तीय वर्ष 2019-20 की जिला योजना गत वर्ष 2018-19 के मुकाबले 6.48 प्रतिशत अधिक है।
सोमवार को कमिश्नरी में आयोजित जिला योजना की बैठक में प्रभारी मंत्री ने एलोपैथिक, बेसिक शिक्षा, पेयजल, नेडा को परिव्यय बढ़ाने का निर्देश दिए। वाटर स्टेटा, स्कूलों की चहारदीवारी के मद को बढ़ाने को कहा। मुख्य विकास अधिकारी गौरांग राठी को माइक्रो लेवल पर प्रस्ताव को कंपाइल करके डीएम के जरिए सभी जनप्रतिनिधियों के पास भेजने को कहा।
दो बजे से होने वाली बैठक तीन बजे शुरू हुई। बैठक में भाग लेने जैसे ही प्रभारी मंत्री कमिश्नरी पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद जिला योजना समिति के सदस्यों में शामिल जिला पंचायत सदस्य और नगर निगम के पार्षदों ने उनका रास्ता रोक लिया। आपत्ति जताते हुए कहा कि पिछली जिला योजना में उनका एक भी प्रस्ताव शामिल नहीं किया गया। जिला योजना को जिला पंचायत से मंजूरी भी नहीं दी गई है। लिहाजा हम बैठक में भाग नहीं लेंगे। साथ ही कोरम पूरा होने पर ही बैठक कराने को कहा।
विरोध कर बैठक में शामिल न होने वालों में जिला पंचायत सदस्यों में संजय मिश्र, राजेश पटेल, हर्षवर्धन सिंह, पप्पू पटेल, रवींद्र यादव और पार्षदों में सीता देवी, दूधनाथ राजभर, प्रीति चौबे, राजेश कुमार, अफजाल अंसारी, रामनगर से राजू, गंगापुर सतावती देवी शामिल रहे। प्रभारी मंत्री ने आश्वासन दिया कि सभी समस्याओं का समाधान होगा। इसके बाद वह बैठक करने अंदर चले गए। बैठक में प्रदेश के राज्यमंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी, विधायकों में रवींद्र जायसवाल, सौरभ श्रीवास्तव, नीलरतन पटेल, सुरेंद्र नारायण सिंह, कैलाश सोनकर, विधान परिषद सदस्य लक्ष्मण आचार्य, केदारनाथ सिंह, शिक्षक विधायक चेतनारायण सिंह शामिल रहे।
कोरम के अभाव में बैठक कराने का आरोप
डीएम सुरेंद्र सिंह ने बैठक की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी मंत्री से बैठक शुरू करने की अनुमति मांगी। इस पर कटेहर के पार्षद अफजाल अंसारी ने कहा कि क्या कोरम पूरा है। इस पर डीएम ने कहा कि हां कोरम पूरा है। इसके बाद बैठक शुरू हो गई। वहीं, जिला पंचायत सदस्य संजय मिश्र ने आरोप लगाया कि बगैर कोरम पूरा किए प्रभारी मंत्री ने बैठक कराई। जिला योजना में जिला पंचायत के 20 और नगर निगम के 13 सदस्य हैं। 20 आमंत्रित सदस्य हैं। कुल 53 में से 27 सदस्यों का बैठक में होना आवश्यक है। जब अधिकतर सदस्य बाहर थे तो कोरम पूरा कैसे हुआ। यह भी कहा कि जिला योजना के प्रस्ताव को जिला पंचायत ने मंजूर नहीं किया है। ऐसी स्थिति में यहां कैसे मंजूर किया गया।